Moneycontrol » समाचार » फाइनेंशियल प्लानिंग

योर मनी: 40 की उम्र के बाद फाइनेंशियल प्लानिंग

निखिल कोठारी के मुताबिक इसके लिए सबसे जरूरी ये है कि अपने कर्ज को और ना बढ़ाएं।
अपडेटेड Jul 23, 2016 पर 18:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी पर आपको फाइनेंशियली फीट रखने के लिए हम तमाम गुरूमंत्र लेकर आते हैं। फिर चाहें आपकी प्लानिंग लेट से शूरू हो या फिर जल्दी। योर मनी के पास आपकी हर फाइनेंशियल दुविधा का सामाधान है। आज योर मनी का फोकस है प्लानिंग एट 40 पर।  यानी अगर आपकी उम्र 40 साल की है और आपने अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग की शुरूआत नहीं की है तो आज हम आपको देंगें वो टिप्स जो आपको की लाइफ को बना देंगे टेंशन फ्री। आपको ये सलाह देने के लिए हमारे साथ हैं एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के निखिल कोठारी।


निखिल कोठारी के मुताबिक इसके लिए सबसे जरूरी ये है कि अपने कर्ज को और ना बढ़ाएं। मौजूदा कर्ज कम करने की कोशिश करें। सबसे पहले तो आप अपना नेटवर्थ स्टेटमेंट बनाएं। अपने मौजूदा वित्तीय हालात समझें और अपनी संपत्ति और देनदारियों का ब्यौरा बनाएं।


निखिल कोठारी के मुताबिक इसके लिए अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें। रिटायरमेंट की प्लानिंग करें और रिटायरमेंट के लिए बचत और निवेश करें। अगर आपने हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लिया है तो तुरंत ले लें। बता दें कि 45 साल की उम्र के बाद हेल्थ चेकअप जरूरी होता है और ज्यादा उम्र में इंश्योरेंस महंगा पड़ता है।


निखिल कोठारी की राय है कि अपने लिए तुरंत पर्याप्त इंश्योरेंस कवर लें। जल्द इंश्योरेंस लेने से प्रीमियम कम लगेगा। आमदनी के 10-12 गुना बराबर इंश्योरेंस लेना ही बेहतर होगा।
हर 3-4 साल में कवर की समीक्षा करते रहें। 40 साल के बाद सेहत को लेकर जोखिम बढ़ता है। गंभीर बीमारियों के लिए इंश्योरेंस लें। बता दें कि 30-35 गंभीर बीमारियों के लिए इंश्योरेंस मिलता है।


40 की उम्र के बाद फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए एक और जरूरी बात ये होगी कि आप अपने लिए एक इमरजेंसी फंड बनाएं दो बुरे वक्त में आपके काम आएगा। इस इमरजेंसी फंड  में 4-6 महीने के खर्च बराबर पैसा जमा करें। इसके अलावा लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए इक्विटी फंड में पैसा लगाएं। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। एसेट अलोकेशन के समय टैक्स कटौती के बाद मिलने वाले रिटर्न पर ध्यान दें और ज्यादा पोस्ट टैक्स रिटर्न वाले एसेट में पैसा लगाएं।


वीडियो देखें