Moneycontrol » समाचार » फाइनेंशियल प्लानिंग

योर मनीः नए वित्त वर्ष की फाइनेंशियल प्लानिंग

इनकम टैक्स के ये कौन से बदलाव हैं, और कैसे इन्हे समझकर आप आपके नए वित्त वर्ष की रणनीति तय कर सकते हैं।
अपडेटेड Mar 29, 2018 पर 14:13  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नए वित्त वर्ष में आपके जीवन में काफी कुछ बदलने वाला है, इनकम टैक्स के ये कौनसे बदलाव हैं, और कैसे इन्हे समझकर आप आपके नए वित्त वर्ष की रणनीति तय कर सकते हैं, हम आपको बताएंगें और इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद है एल जे बिजनेस स्कूल के सीईओ पूनम रूंगटा।


पूनम रूंगटा का कहना है कि 1 अप्रैल से सैलरीड क्लास को 40,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। पेंशन पाने वालों को भी `40,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। हालांकि 1 अप्रैल से 19,200 सालाना ट्रांसपोर्ट अलाउंस और 15,000 सालाना मेडिकल अलाउंस खत्म होगा।


1 अप्रैल से इनकम टैक्स पर सेस 3 फीसदी से बढ़कर 4 फीसदी हो जाएगा। इसके साथ ही हेल्थ एंड एजुकेशन सेस लगाया गया है। वहीं सरकार ने बजट में एलटीसीजी टैक्स लागू करने का फैसला सुनाया था। 1 अप्रैल से शेयर बाजार या इक्विटी लिंक्‍ड म्यूचुअल फंड में  लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स लागू होगा। 1 साल से ज्यादा के निवेश पर 10 फीसदी एलटीसीजी टैक्स चुकाना होगा। हालांकि 31 जनवरी 2018 तक के मुनाफे पर टैक्स नहीं होगा। 15 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स बरकरार है। 1 साल से कम के निवेश पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स है।


इक्विटी म्यूचुअल फंड के डिविडेंड पर टैक्स पर 10 फीसदी डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स देना होगा। हालांकि सरकार ने हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट में राहत दी है। जब तक पॉलिसी तब तक टैक्स में राहत दी गई है, लेकिन सालाना किस्त के हिसाब में ही टैक्स छूट मिलेगी। 


जानकारों का कहना है कि एनपीएस निकासी में स्वरोजगार होने पर भी टैक्स छूट का फायदा मिलेगा। टैक्स छूट का फायदा लेने के लिए कर्मचारी होना जरूरी नहीं है। एनपीएस से पैसे निकालने पर 40 फीसदी राशि पर टैक्स नहीं है।


सरकार ने बुजुर्गों को टैक्स छूट में राहत देते हुए डिपॉजिट पर ब्याज से कमाई पर 50,000 तक छूट दी है। पोस्ट ऑफिस में जमा रकम पर भी टैक्स छूट मिलेगी। एफडी और आरडी पर टीडीएस कटौती की सीमा बढ़ी  है। एफडी और आरडी पर टीडीएस बेनिफिट 10,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये तय की गई है।