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China Antitrust Law: जैक मा के पीछे पड़ा चीन, अलीबाबा पर लगाया 20,500 करोड़ रुपये का जुर्माना, जानें पूरा मामला

एंटी-ट्रस्ट कानून का उल्लंघन करने के आरोप में चीन की सरकार ने Alibaba पर 18 अरब युआन यानी 20,500 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है
अपडेटेड Apr 12, 2021 पर 08:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

चीन की शी जिनपिंग सरकार को सच का आईना दिखाना देश के सबसे बड़े उद्योगपति जैक मा (Jack Ma) को भारी पड़ा है। चीन की सरकार हाथ धोकर जैक मा और उनकी कंपनियों के पीछे पड़ी है। एंटी-ट्रस्ट कानून (Antitrust Law) का उल्लंघन करने के आरोप में चीन की सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक Alibaba पर 18 अरब युआन यानी 20,500 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। 

चीन के मार्केट रेगुलेटर स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर मार्केट रेग्युलेशन (SAMR) ने अलाबाबा होल्डिंग्स को एंटी-मोनोपोली लॉ के उल्लंघन (anti-monopoly violations) का दोषी पाया और कंपनी पर इतना भारी-भड़कम जुर्माना लगाया। चीन की सरकार ने अलीबाबा पर आरोप लगाया था कि जैक मा की स्वामित्व वाली कंपनी अलीबाबा ने अपने प्रभुत्व का इस्तेमाल करके चीन के बाजार में अपना एकाधिकार जमाया और इसका गलत फायदा उठाया।

आपको बता दें कि अलाबाबा और एंट ग्रुप (Ant Group) के साथ जैक मा की अन्य कंपनियों के खिलाफ एंटी-ट्रस्ट कानून के तहत SAMR ने दिसंबर 2020 में जांच शुरू की थी और अब कंपनी को इसका दोषी पाया गया है। SAMR ने कहा कि कंपनी 2015 से बाजार में अपनी दमदार स्थिति का गलत इस्तेमाल कर रही है, जो एंटी-मोनोपॉली नियमों का उल्लंघन है।

अलीबाबा ने स्वीकार की गलती

SAMR ने बताया कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाले मर्चेंन्ट्स को दूसरे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर जाने से रोकती थी, जो चीन में प्रोडक्ट्स के फ्री ट्रेड का मर्चेंट्स के व्यापार करने के अधिकारों का उल्लंघन है। अलीबाबा ने अपना गलती मान ली है और SAMR के फैसले को स्वीकार कर लिया है। कंपनी ने कहा कि वह SAMR के आदेश का पालन भी करेगी और कॉरपोरेट गवर्नेंस को बढ़ावा देगी।

ऐसे शुरू हुआ मामला

दरअसल, अलीबाबा ग्रुप के फाउंडर जैक मा ने अक्टूबर, 2020 में शंघाई में एक भाषण में देश के फाइनेंशियल रेगुलेटर्स और राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों की आलोचना की थी। मा ने सिस्टम में सुधारों की मांग की थी और ग्लोबल बैंकिंग रेगुलेशन को बूढ़े लोगों का क्लब बताया था।

जैक मा की यह आलोचना चीन की जिनपिंग सरकार को नागवार गुजरी। इसके बाद नवंबर, 2020 में जैक मा के एंट ग्रुप के 37 बिलियन डॉलर के आईपीओ को निलंबित कर दिया गया। तभी से चीन की सरकार जैक मा पर शिकंजा कस रही है। जैक मा की कंपनियों को इससे भारी घाटा हुआ है। कंपनी के शेयर नवंबर से अब तक 30% से अधिक टूट चुके हैं।

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