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बोरिस जॉनसन ने कहा- ब्रिटेन का नया कोरोना स्ट्रेन है ज्यादा जानलेवा, लेकिन वैक्सीन है असरकारक

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आशंका जताई है कि ब्रिटेन में सबसे पहले पाये गये कोरोना के नये स्ट्रेन के कारण मौत का खतरा बढ़ गया है
अपडेटेड Jan 23, 2021 पर 17:20  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आशंका जताई है कि ब्रिटेन में सबसे पहले पाये गये कोरोना के नये स्ट्रेन के कारण मौत का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि देश में दी जा रहीं Pfizer और Oxford-AstraZeneca की वैक्सीन इस स्ट्रेन के खिलाफ कारगर हैं। बोरिस जॉनसन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ब्रिटेन में सबसे पहले पता चले कोरोना के नए स्ट्रेन को अभी ज्यादा संक्रामक ही माना जा रहा था। कोरोना वायरस का यह नया रूप लोगों के बीच तेजी से फैलता तो है, लेकिन इससे ज्यादा लोगों की मौतें नहीं हो रही हैं लेकिन पहली बार ऐसे खतरनाक संकेत भी मिले हैं कि इससे ज्यादा मौतें हो सकती हैं।


जॉनसन ने कहा कि सभी मौजूदा सबूतों से पता चलता है कि दोनों टीके पुराने और नए स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी हैं। बता दें पिछले साल कोरोना संक्रमण का नया स्ट्रेन उस वक्त सामने आया था, जब ब्रिटेन में रोजाना संक्रमण के मामले में 4 फीसदी तक सीमित हो गए थे। जिसके बाद से कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन फैलने से पूरी दुनिया में डर एक बार फिर बैठ गया था। हालांकि, स्टडीज में दावा किया कि यह नया स्ट्रेन सिर्फ संक्रामक ज्यादा है और पहले वाला स्ट्रेन ज्यादा घातक था।


इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि स्टडी में पता चला है कि तेजी से फैलने के साथ नए स्ट्रेन के बारे में यह प्रमाण भी मिल रहे हैं कि इससे मौत की दर बढ़ सकती है। यह नई चेतावनी ऐसे वक्त में सामने आई है जब माना जा रहा था कि हर दिन 4 प्रतिशत केस कम हो रहे हैं। उन्होंने साथ में ही यह भी बताया है कि देश में दी जा रहीं दोनों वैक्सीन पुराने के साथ नए स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर हैं। शुक्रवार को जारी किए आंकड़ों के मुताबिक देश में 53.8 लाख लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है।


बता दें कि इंग्लैंड और स्कॉटलैंड ने 4 जनवरी को कोरोनोवायरस संक्रमण के नए स्ट्रेन से फैलने वाली बीमारी में बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए कई प्रतिबंध लगा दिए थे। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण के नए मामले 1 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के बीच सिमट गए हैं। पिछले हफ्ते तक यह आंकड़ा 5 प्रतिशत के करीब था। मिली जानकारी के मुताबिक पिछले हफ्ते जहां रिप्रोडक्शन R 1.2 से 1.3 तक था तो वहीं अभी वह आंकड़ा 0.8 से 1 के बीच सीमित हो गए हैं। इसका अर्थ ये है कि हर 10 संक्रमित व्यक्ति 8 को और वे 8 अन्य 10 लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। 


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