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कोरोना के बावजूद 90% बढ़ा ये शेयर, बनी दुनिया की मोस्ट वैल्युएबल कंपनी

इस संकट को मात देते हुए एक कंपनी का शेयर पिछले 6 महीनों में 90 प्रतिशत तक उछला है। जबकि कंपनी का मुख्य कारखाना लॉकडाउन के दौरान एक महीने के लिए पूरी तरह से बंद था।
अपडेटेड Jul 04, 2020 पर 18:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना के संकट के कारण पूरी दुनिया में उद्योग-धंधों का बुरा हाल है। कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों पर वेतन कटौती का बोझ भी लाद दिया है। ऐसे में इस संकट को मात देते हुए एक कंपनी का शेयर पिछले 6 महीनों में 90 प्रतिशत तक उछला है। जबकि कंपनी का मुख्य कारखाना लॉकडाउन के दौरान एक महीने के लिए पूरी तरह से बंद था।


इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली टेस्ला कंपनी में निवेशकों ने काफी रुचि दिखाई है। अमेरिका की इस कंपनी का शेयर बुधवार को अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। अपनी बढ़त के चलते ये कंपनी जापान की टोयोटा कंपनी को पछाड़ते हुए दुनिया की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बन गई।


कोरोना लॉकडाउन के दौरान टेस्ला कंपनी का कैलिफोर्निया स्थित मुख्य कारखाना एक महीने के लिए बंद था इसके बावजूद निवेशकों ने इस कंपनी में जबर्दस्त रुचि और विश्वास दिखाया है। 9 जनवरी को पहली बार टेस्ला के शेयर की वैल्यू जनरल मोटर्स और फोर्ड मोटर कंपनी के संयुक्त बाजार मूल्य जितनी हुई थी। उसके बाद मार्च-अप्रैल में थोड़ी गिरावट को छोड़ दें तो कंपनी के शेयर में लगातार बढ़त दिखाई दी है।


लोकसत्ता में छपी खबर के मुताबिक टेस्ला ने 2019 में करीब 3 लाख 70 हजार कारों की बिक्री की थी। ये संख्या टोयोटा, जीएम, फोर्ड, होंडा और वॉक्सवैगन जैसी कंपनियों की तुलना में काफी कम है क्योंकि इनमें से एक कंपनी 1 करोड़ कार की बिक्री करती है और विश्व भर में कुल मिलाकर 9 करोड़ कारें बेची जाती हैं।


विशेषज्ञों द्वारा ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि निवेशकों ने 2 साल बाद का ध्यान में रखते हुए इसमें निवेश किया होगा क्योंकि भविष्य में इलेक्ट्रिक गाडियों की डिमांड में जोरदार इजाफा होने की उम्मीद है और टेस्ला इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाने वाली अग्रणी कंपनी है। इसकी वजह से टेस्ला कंपनी में निवेशकों का रुझान बढ़ा है।


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