Moneycontrol » समाचार » विदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने दोस्त रोजर स्टोन की कम की सजा

आलोचनाओं को दरकिनार कर ट्रंप ने यह फैसला तब लिया है जब स्टोन की 40 महीने की सजा कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली थी
अपडेटेड Jul 12, 2020 पर 07:50  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने एक पुराने दोस्त पर मेहरबानी की है जिसकी चर्चा दुनिया भर में हो रही है। ट्रंप ने रूस जांच से जुड़े अहम आपराधिक मामले में हस्तक्षेप करते हुए लंबे समय से अपने पुराने दोस्त और राजनीतिक विश्वासपात्र रहे रोजर स्टोन (Roger Stone) की सजा कम कर दी है। आलोचनाओं को दरकिनार कर ट्रंप ने शुक्रवार को यह कदम उस वक्त उठाया गया है जब स्टोन की 40 महीने की सजा कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली थी। उन्हें यह सजा 2016 का चुनाव जीतने के लिए ट्रंप के अभियान की रूस के साथ मिलीभगत के आरोपों में हो रही संसद की जांच को बाधित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने तथा कांग्रेस से झूठ बोलने के लिए सुनाई गई है।


डेमोक्रेट्स ने की आलोचना


न्याय मंत्रालय द्वारा ट्रंप के पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, माइकल फ्लिन के खिलाफ मामले को खारिज किए जाने को लेकर पहले से ही चिंतित डेमोक्रेट्स ने विधि के शासन को और कमतर करने के लिए ट्रंप की आलोचना की है। ट्रंप का यह कदम, विशेष अभियोजक रॉबर्ट मुलर की जांच को लेकर राष्ट्रपति की नाराजगी को रेखांकित करने के साथ ही राष्ट्रपति एवं उनके प्रशासन द्वारा उस जांच के विमर्श को फिर से लिखने के लगातार जारी प्रयासों का हिस्सा है जिसकी छाया शुरू से ही व्हाइट हाउस पर पड़ी हुई है।


व्हाहट हाउस ने दी सफाई


हालांकि, व्हाइट हाउस का कहना है कि रूस के साथ ट्रंप अभियान या ट्रंप प्रशासन के बीच कभी कोई मिलीभगत नहीं थी। इस तरह की मिलीभगत 2016 के चुनाव के परिणाम को स्वीकार करने में असमर्थ पक्षपातियों की एक कल्पना के अलावा कुछ भी नहीं है। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि रोजर स्टोन पहले काफी परेशानी झेल चुके हैं। उनके साथ बहुत ही गलत व्यवहार किया गया, क्योंकि इस मामले में कई अन्य लोग भी शामिल थे।  स्टोन अब एक स्वतंत्र व्यक्ति हैं।


मंगलवार से शुरू होने वाली थी सजा


स्टोन (67) को मंगलवार से जेल की सजा काटनी शुरू करनी थी, लेकिन उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उसे शुक्रवार शाम फोन कर बताया कि फिलहाल के लिए उसका यह संकट टल गई है। हालांकि, सजा कम करने से स्टोन की क्राइम सिद्धि उस तरीके से रद्द नहीं होती जैसी माफी में होती है, लेकिन यह उसकी सजा की अवधि जरूर कम हो जाएगी।


ट्रंप ने क्यों उठाया ये कदम?


आलोचकों के अनुसार, ट्रंप द्वारा यह कदम राष्ट्र के न्यायिक तंत्र में असाधारण हस्तक्षेप को दर्शाने के साथ ही उन नियमों एवं मानकों का उल्लंघन करने की उनकी इच्छा को भी दिखाता है जो दशकों से राष्ट्रपति के आचरण का हिस्सा रहे हैं। ट्रंप के साथ अनुभवी रिपब्लिकन की दोस्ती दशकों पुरानी है।


स्टोन ट्रंप के कई सहयोगियों में शामिल थे, जिसपर पूर्व विशेष वकील रॉबर्ट मुलर की जांच में आरोप लगाए थे। उन्होंने ट्रंप की उम्मीदवारी को बढ़ावा देने के लिए 2016 में रूसी हस्तक्षेप का दस्तावेजीकरण किया था। व्हाइट हाउस ने स्टोन के लिए क्षमादान के फैसले की घोषणा की।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।