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वैक्सीन की कमी होने पर डोज के बीच अवधि बढ़ाना सही तरीकाः डा फाउकी

अमेरिका के टॉप मेडिकल एक्सपर्ट ने दी भारत को कोरोना से निपटने के लिए सशस्त्र बलों को तैनात करने की सलाह
अपडेटेड May 14, 2021 पर 14:48  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के चीफ मेडिकल ऑफिसर डा एंथनी फाउकी (Anthony Fauci) ने कहा है कि कोविडशील्ड की दो डोज के बीच अंतर बढ़ाना एक "उचित तरीका" है। उन्होंने कहा, "भारत जैसी मुश्किल स्थिति में होने पर आपको जितना जल्दी हो सके अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने की कोशिश करनी चाहिए और इसके तरीके खोजने चाहिए। इस वजह से मेरा मानना है कि यह एक उचित तरीका है।"


डा फाउकी ने ANI से कहा, "आपको  वैक्सीन बनाने की अपनी क्षमता बढ़ाने के साथ ही इंतजाम करने के लिए देशों और कंपनियों के साथ काम करना होगा। वैक्सीन के प्रोडक्शन में भारत बहुत अच्छे देशों में से एक है। अपने लोगों के लिए आपको कुछ संसाधनों का इस्तेमाल करना होगा।"


केंद्र सरकार ने गुरुवार को कोविडशील्ड वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के बीच अंतर छह-आठ सप्ताह से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह करने की घोषणा की थी। तीन महीनों में यह दूसरी बार है कि जब कोरोना के खिलाफ लगाई जा रही कोविडशील्ड वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के बीच अंतर को बढ़ाया गया है। हालांकि, सरकार के इस फैसले की निंदा भी हो रही है और इसे वैक्सीन की कमी से बचने की कोशिश बताया जा रहा है।


डा फाउकी ने कहा कि वैक्सीन की दो डोज के बीच अंतर बढ़ाना फायदेमंद है। उनका कहना था, "जब आपके पास वैक्सीन की कमी है तो पहली और दूसरी डोज के बीच अंतर बढ़ाने से अधिक लोगों को कम से कम पहली डोज मिल सकती है और यह एक उचित तरीका है। दो डोज के बीच देरी अधिक होने से वैक्सीन की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव होने की आशंका नहीं है।"


देश में वैक्सिनेशन को बढ़ाने के लिए रूस की स्पुतनिक V वैक्सीन को भी अगले सप्ताह से उपलब्ध कराया जा रहा है। यह कोरोना के खिलाफ अभियान में देश में इस्तेमाल होने वाली तीसरी वैक्सीन होगी।


स्पुतनिक V वैक्सीन की क्षमता के बारे में पूछने पर, डा फाउकी ने कहा, "मैंने स्पुतनिक के बारे में सुना है और यह काफी प्रभावी  लगती है।"


उन्होंने सुझाव दिया कि कोरोना के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए भारत को सशस्त्र बलों का इस्तेमाल करना चाहिए।


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