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India China Faceoff: 'अवैध रूप से LAC को पार किया', गलवान घाटी हिंसा के लिए चीन ने भारत को ठहराया जिम्मेदार

15 जून, 2020 को गालवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच घातक झड़प हुई, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे
अपडेटेड Sep 25, 2021 पर 08:36  |  स्रोत : Moneycontrol.com

चीन ने शुक्रवार को पिछले साल जून में गलवान घाटी में हुई हिंसा के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। इस संघर्ष में 20 भारतीय और चार चीनी सैनिक मारे गए थे। ड्रैगन ने आरोप लगाते हुए कहा कि नई दिल्ली ने सीमा संबंधी सभी समझौतों का उल्लंघन किया और चीनी  पर अतिक्रमण किया। भारत और चीन की पिछले 16 महीने से सीमा विवाद जारी है। इसी कड़ी में 15 जून, 2020 को गालवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच घातक झड़प हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के सैनिकों ने लोहे की छड़ों और कांटेदार तारों से ढके क्लबों के साथ घंटों तक लड़ाई लड़ी।


गलवान घाटी संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे, 1975 के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर मौत का ये पहला मामला था। कई दौर की कूटनीतिक और सैन्य बातचीत भी इस तनाव को पूरी तरह से हल करने में विफल रही है, जो दशकों सबसे गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।


भारत ने बार-बार और लगातार चीन के आरोपों को खारिज किया कि भारतीय सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में LAC को पार कर चीनी हिस्से पर कब्जा किया है। भारत ने ये कहा कि नई दिल्ली ने हमेशा सीमा प्रबंधन और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए एक जिम्मेदार नजरिया अपनाया है। हालांकि चीन भारत पर लगातार आरोप लगाता रहा है।


चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने भारतीय सेना के थिएटर कमांड में पुनर्गठन और चीन-भारत सीमा के प्रबंधन पर इसके प्रभाव के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, "LAC के क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए चीन और भारत के बीच सभी समझौतों और संधियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।"


झाओ ने आगे कहा, "पिछले साल, गलवान घाटी की घटना हुई, क्योंकि भारत ने सभी समझौतों और संधियों का उल्लंघन किया और चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण किया, अवैध रूप से LAC को पार किया। हमें उम्मीद है कि भारत सभी समझौतों का पालन करेगा और ठोस कार्रवाई के साथ सीमा क्षेत्र में शांति स्थिरता बनाए रखेगा।"


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