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'काबुल ड्रोन हमला थी एक गलती', अमेरिका ने कबूला, इसमें आतंकी नहीं बल्कि 7 बच्चों सहित 10 आम लोगों की गई

US सेंट्रल कमान के कमांडर जनरल फ्रैंक मैक्केंजी ने कहा कि जांच में अब सामने आया कि ये हमला एक गलती थी
अपडेटेड Sep 19, 2021 पर 09:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने काबुल हवाईअड्डे (Kabul Airport) पर पिछले महीने हुए आत्मघाती धमाके के कुछ दिनों बाद "ISIS-K" के आतंकवादियों को निशाना बनाते हुए किए गए ड्रोन हमले (Drone Attack) को "गलती" के रूप में स्वीकार किया है। इस हमले में सात बच्चों समेत 10 नागरिक मारे गए थे। अमेरिका के सेंट्रल कमान के कमांडर जनरल फ्रैंक मैक्केंजी ने 29 अगस्त के हमले की जांच के नतीजों पर पत्रकारों से ये भी कहा कि ड्रोन हमले में क्षतिग्रस्त हुए वाहन और मारे गए लोगों के ISIS-K से जुड़े होने या अमेरिकी सेना के लिए कोई खतरा होने की आशंका भी नहीं थी।


उन्होंने कहा कि हालांकि इस हमले को इस्लामिक स्टेट के हमले के बाद हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर जमीनी हालात के संदर्भ में ही समझा जाए। हवाईअड्डे पर हुए हमले में अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए थे और 100 से ज्यादा नागरिकों ने जान गंवाई थी। साथ ही खुफिया अधिकारियों ने एक और आसन्न हमले का संकेत दिया था।


जनरल मैक्केंजी ने कहा कि जांच के नतीजों की विस्तार से समीक्षा करने के बाद वह इस बात से सहमत हैं कि सात बच्चों समेत 10 नागरिक उस ड्रोन हमले में मारे गए,जो दुखद है।


उन्होंने पेंटागन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, "ये गलती थी और मैं माफी मांगता हूं। कमांडर होने के नाते मैं इस हमले और इसके दुखद परिणाम के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हूं। साथ ही हम ये मानते हैं कि क्षतिग्रस्त हुआ वाहन और मारे गए लोगों का ISIS-K से संबंध होने या अमेरिकी सेना के लिए प्रत्यक्ष रूप से खतरा होने की आशंका नहीं थी। मैं इस हमले में मारे गए लोगों के परिवार और दोस्तों के प्रति शोक व्यक्त करता हूं।"


जनरल मैक्केंजी ने कहा कि हमले से 48 घंटे पहले खुफिया जानकारी में ये संकेत मिला कि इस परिसर का इस्तेमाल इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी भविष्य के हमलों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमले से 36 घंटे पहले हवाईअड्डे पर अधिकारियों को आसन्न खतरों से संबंधित 60 अलग-अलग खुफिया जानकारी मिली।"


उन्होंने बताया कि अधिकारियों को खुफिया सूचना मिली कि इस्लामिक स्टेट अगले हमले में सफेद रंग की टोयोटा कोरोला कार का इस्तेमाल करेगा, जिसके बाद 29 अगस्त की सुबह परिसर की निगरानी तेज कर दी गई।


उन्होंने कहा कि जांच में अब सामने आया कि ये हमला एक गलती थी। उन्होंने कहा, "पहले मैं ये बता दूं कि ये जल्दबाजी में किया गया हमला नहीं था। अधिकारियों ने वाहन और उसमें सवार लोगों पर करीब आठ घंटे तक नजर रखी थी। सैन्य दल ने ये हमला इस विश्वास के साथ किया कि वे हमारी सेना और नागरिकों पर आसन्न खतरे को रोक रहे हैं, जो अब हमे लगता है कि सही नहीं था।"


जनरल मैक्केंजी ने कहा, "मैं आज यहां तथ्यों को सामने रखने और हमारी गलतियां स्वीकार करने आया हूं। अंत में मैं यही कहूंगा कि इस हमले में मारे गए लोगों के परिवार और दोस्तों के प्रति संवदेनाएं व्यक्त करता हूं।" उन्होंने कहा कि अमेरिका मुआवजा देने की संभावनाएं भी तलाश रहा है।


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