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संसद में विश्वासमत जीतने में असफल हुए केपी शर्मा ओली 3 दिन बाद फिर से बने नेपाल के प्रधानमंत्री

केपी शर्मा ओली को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने फिर से नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया है
अपडेटेड May 14, 2021 पर 13:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सिर्फ 3 दिन पहले नेपाल की संसद में विश्वासमत जीतने में असफल हुए नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गुरूवार यानी बीती रात को फिर से नेपाल का प्रधानमंत्री बनाया गया है। केपी शर्मा ओली पिछले सोमवार को संसद में पेश किये गये विश्वास प्रस्ताव में विश्वासमत जीतने में नाकाम हो गये थे। सोमवार को बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से संविधान के आधार पर उन्हें प्रधानमंत्री गंवाना पड़ा था। लेकिन विपक्षी पार्टियों द्वारा सरकार गठन करने में असफल रहने की वजह से केवल 3 दिनों के अंदर प्रधानमंत्री पद फिर से उनकी झोली में आ गया।


के पी शर्मा ओली द्वारा सोमवार को विश्वास मत खोने के बाद राष्ट्रपति ने गुरुवार रात तक विपक्षी पार्टियों द्वारा सरकार गठन की समयसीमा तय की थी लेकिन नेपाल के राजनीतिक दल अपने धड़ों के बीच गुटबाजी के चलते अभी सरकार गठन पर कोई सहमति नहीं बना पाए। इतना ही नहीं तमाम खींचतान के बाद भी विपक्षी दल नई सरकार बनाने के लिए सदन में बहुमत जुटाने में असफल रहे जिसकी वजह से ओली फिर से पीएम बनाए गए।


ओली द्वारा सोमवार को संसद में बहुमत साबित नहीं कर पाने के बाद विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की थी। भंडारी ने सभी पार्टियों से बहुमत की सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत करने के लिए कहा था और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम गुरुवार रात 9 बजे तक पेश करने को कहा था लेकिन विपक्षी पार्टियों द्वारा इस मामले में एकमत और बहुमत साबित करने में असफल रहने के बाद राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने ओली को केवल 3 दिनों बाद वापस प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया।


शर्मा के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद और राष्ट्रपति के निमंत्रण पर मंगलवार को शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पद के लिए दावा पेश करने का फैसला लिया था लेकिन महंत ठाकुर की अगुवाई वाली जनता समाजवादी पार्टी-नेपाल (JSP-N) के एक धड़े द्वारा सरकार बनाने की प्रक्रिया में शामिल नहीं होने का स्पष्टीकरण दिये जाने के बाद गठबंधन सरकार बनाने की उनकी कोशिशें नाकाम हो गईं।


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