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7 लाख भारतीयों को बाहर करेगा कुवैत, नए नियम से विदेशी नागरिकों की संख्या घटेगी

Kuwait New Law: कुवैत में नया बिल पास हुआ जिसके तहत वहां की आबादी का 15% से ज्यादा विदेशी नागरिक नहीं रह सकते हैं
अपडेटेड Jul 06, 2020 पर 22:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कुवैत की सरकार ने पिछले महीने यह योजना बनाई थी कि वह विदेशी नागरिकों की संख्या घटाएगी। कुवैत (Kuwait) के नेशनल असेंबली की लीगल एंड लेजिस्लेटिव कमिटी ने विदेशी नागरिकों की संख्या घटाने वाले ड्राफ्ट को मंजूर कर लिया। इस ड्राफ्ट के पास होने का सीधा मतलब है कि कम से कम 7 लाख भारतीयों को खाड़ी देश कुवैत छोड़ना पड़ेगा। कुवैत की कुल आबादी 48 लाख है। नए नियम के मुताबिक, अब यहां 15 फीसदी से ज्यादा भारतीय नहीं रह सकते हैं।


इस बिल को अब दूसरी कमिटी के पास भेजा जा रहा है ताकि इसपर विस्तार से योजना बनाई जा सके। कुवैत में करीब 14 लाख भारतीय हैं। भारतीयों के बाद दूसरे नंबर पर इजिप्ट के नागरिक रहते हैं। नए नियम के मुताबिक किसी भी देश के नागरिक कुवैत की आबादी का 15 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकते हैं।


सबसे पहले कुवैत के सीएम शेख सबा अल खालिद अल ने विदेशी नागरिकों की संख्या घटाकर 30 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन अब इसे 15 फीसदी कर दिया गया है। अभी कुवैत की कुल आबादी में 70 फीसदी विदेशी नागरिक हैं। पीएम ने कहा था, "कुवैत की 48 लाख आबादी में से 34 लाख विदेशी नागरिक हैं। हमारे सामने अंसुलन की चुनौती है।"


कुवैत की आबादी में विदेशी नागरिकों की तादाद बहुत ज्यादा होने का मुद्दा वहां का सबसे विवादास्पद मुद्दा है। वहां के नेता लगातार यह मांग करते रहे हैं कि विदेशी वर्कर्स की संख्या घटाई जाए। खासतौर पर अनस्किल्ड लेबर में विदेशी नागरिकों की संख्या ज्यादा है। सांसदों ने कोटा सिस्टम का प्रस्ताव रखने वाले हैं जिसके तहत सरकारी नौकरियों में लगे सभी विदेशी नागरिकों को हटाने की योजना है। कुवैत में कुल 1 लाख लोग सरकारी नौकरियों में लगे हैं। इस प्रस्ताव के तहत सभी विदेशी नागरिकों को सरकारी नौकरी से हटाया जाएगा।


इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, डोमेस्टिक हेल्पर्स में विदेशी कामगारों की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा है। ऑयल प्राइस कम होने के कारण खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था हिल गई हैं। लिहाजा कुवैत की सरकार विदेशी नागरिकों की संख्या सीमित करने का प्रयास कर रही है।


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