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FATF रिव्यू से पहले पाकिस्तान ने ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए Terror Funding के खिलाफ उठाया यह कदम

FATF के रिव्यू से पहले पाकिस्तान ने खुद को आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने वाला देश दिखाने के लिए फिर से नई कवायद शुरू कर दी है
अपडेटेड May 18, 2021 पर 09:03  |  स्रोत : Moneycontrol.com

विश्व में आतंकियों के लिए सबसे सुरक्षित पनाहगाह पाकिस्तान को जब लगता है कि वह फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ब्लैकलिस्ट में जा सकता है तो वह आतंक पर शिकंजा कसने के नाम पर लीपापोती शुरू कर देता है। दुनिया को दिखाने भर के लिए वह आतंकियों पर कार्रवाई का नाटक करता है, लेकिन असल में पाकिस्तान में आतंकी खुलेआम घूमते हैं और सरकार उनकी जी-हजूरी में लगी रहती है।

पाकिस्तान द्वारा टेररिज्म को कंट्रोल करने के लिए उठाए गए कदमों की अगले महीने FATF समीक्षा करने वाला है। ऐसे में FATF के रिव्यू से पहले पाकिस्तान ने खुद को आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने वाला देश दिखाने के लिए फिर से नई कवायद शुरू कर दी है, ताकि देश को ब्लैकलिस्ट होने से बचाया जा सके और वह FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर आ सके।

इस कवायद के तहत पाकिस्तान ने टेरर फाइनेंसिंग को रोकने के लिए नए कदम उठाए हैं। उसने टेरर फंडिंग के मामलों की जांच एक स्पेशल एजेंसी से कराने का नियम बनाया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवाद को रोकने के लिए पाकिस्तान की इस खानापूर्ति से उसे कोई फायदा नहीं होगा और वह FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा।

FATF की ग्रे लिस्ट (grey list) से निकलने के लिए पाकिस्तान को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी हैं, जिनमें 3 एक्सनेबल आइटम बचे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने पाकिस्तान के 6 बिलियन लोन प्रोग्राम के लिए जारी अपने रिव्यू रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान ने IMF को भरोसा दिया है कि वह FATF की सभी शर्तों को पूरा करेगा।

पाकिस्तान ने कहा कि वह मनी लॉन्ड्रिंग और टेटर फंडिंग के लिए एक्शन प्लान को पूरा करने के करीब है, लेकिन फाइनेंशियल कॉन्सट्रेंट के कारण इसमें देरी हो रही है। पाकिस्तान ने कहा कि उसने FATF के स्टैंडर्ड को पूरा करने के लिए अपने 14 कानून में संशोधन किया है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट से निकलने के लिए कुल 39 वोट में से 12 वोट की जरूरत है। वहीं पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में जाने से बचने के लिए केवल 3 वोट की जरूरत है। हमेशा चीन, तुर्की और मलेशिया पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट होने से बचा लेते हैं।  

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