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कुलभूषण जाधव ने रिव्यू पिटीशन दाखिल करने से किया इनकार, पाकिस्तान का दावा

पाकिस्तान का दावा है कि जाधव को दूसरा काउंसुलर एक्सेस देने का ऑफर रखा है
अपडेटेड Jul 09, 2020 पर 08:33  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पाकिस्तान (Pakistan) सरकार का दावा है कि पाकिस्तानी जेल में जासूसी के आरोप में बंद भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) ने रिव्यू पिटीशन (review petition) दाखिल करने से इनकार कर दिया है। पाक का दावा है कि इसके बावजूद उसने जाधव को दूसरा काउंसुलर एक्सेस देने का ऑफर रखा है। पाक मीडिया का दावा है कि जाधव ने रिव्यू पिटीशन दाखिल करने से इनकार कर दिया था। मामले में और भी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।


पाकिस्तान के एडिशनल अटॉर्नी जनरल ने दावा किया है कि, "17 जुलाई 2020 को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को याचिका दायर करने और सजा और दोषी होने पर पुनर्विचार के लिए एक याचिका दायर करने के लिए बुलाया गया था। अपने लीगल अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने रिव्यू पिटीशन दायर करने और अपनी सजा और दोषी होने पर पुर्नविचार करने से मना कर दिया है।"


बता दें कि भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। अप्रैल 2017 में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। बाद में भारत जाधव तक राजनायिक पहुंच प्रदान करने से इनकार करने और मौत की सजा को चुनौती देते हुए पाक के खिलाफ आईसीजे यानी इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस पहुंचा था जहां पर जीत मिली थी।


आईसीजे ने पाकिस्तान से जाधव की सजा की समीक्षा करने और उन्हें जल्द से जल्द काउंसुलर एक्सेस देने का आदेश दिया था। उसके बाद से भारत इस आदेश को लागू कराने की कोशिश में पाकिस्तान के संपर्क में बना हुआ है। भारत ने कुलभूषण के जासूसी और आतंकवाद में लिप्त होने के आरोपों से इनकार करता आ रहा है। भारत का कहना है कि भारतीय नेवी के रिटायर्ड अधिकारी जाधव को पाकिस्तान ईरान से अगवा कर अपने यहां ले गया था।


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