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Tokyo Olympics: भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन को मिलेगा ब्रॉन्ज, सेमीफाइनल में हुई हार, भारत का तीसरा मेडल

लवलीना को सेमीफाइनल मैच में तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा
अपडेटेड Aug 04, 2021 पर 12:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत को टोक्यो ओलंपिक खेलों (Tokyo Olympic Games) में अपना तीसरा पदक मिल गया है। भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है। लवलीना को महिलाओं के वेल्टरवेट (64-69 KG) सेमीफाइनल मैच में तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। वर्ल्ड चैंपियनशिप की दो बार की सिल्वर मेडल विजेता लवलीना के खिलाफ बुसेनाज ने शुरुआत से ही दबदबा बनाया और सर्वसम्मति से 5-0 से जीत दर्ज करने में सफल रही।


टोक्यो खेलों में ये भारत का तीसरा पदक है। इससे पहले वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने सिल्वर, जबकि बैडमिंटन में पीवी सिंधू ने ब्रॉन्ज पदक जीता। लवलीना का पदक पिछले नौ सालों में भारत का ओलंपिक मुक्केबाजी में पहला पदक है।


लवलीना ओलंपिक मुक्केबाजी प्रतियोगिता फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज बनने के लिए चुनौती पेश कर रही थी, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन बुसेनाज ने उनका सपना तोड़ दिया। भारतीय मुक्केबाज के पास तुर्की की खिलाड़ी के दमदार मुक्कों और तेजी का कोई जवाब नहीं था। इस बीच हड़बड़ाहट में भी लवलीना ने गलतियां की।


क्वार्टर फाइनल में लवलीना हालांकि चीनी ताइपै की पूर्व विश्व चैंपियन नीन चिन चेन को हराकर पहले ही पदक पक्का कर चुकी थी। असम की 23 वर्षीय लवलीना ने विजेंदर सिंह (बीजिंग 2008) और एमसी मैरीकोम (लंदन 2012) की बराबरी की। विजेंदर और मैरीकोम दोनों ने ब्रान्ज मेडल जीते थे।


तुर्की की मुक्केबाज 2019 चैंपियनशिप में विजेता रही थी जबकि उस प्रतियोगिता में लवलीना को कांस्य पदक मिला था। तब इन दोनों के बीच मुकाबला नहीं हुआ था।


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