Moneycontrol » समाचार » विदेश

ट्रंप ने दिया चीन को झटका, उइगर मुस्लिम अत्याचार पर चीन विरोधी विधेयक पर किये हस्ताक्षर

चीन में मौजूद उइगर मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यकों पर चीन द्वारा किये जाने वाले अत्याचारों के खिलाफ अमेरिका में विधेयक लाया गया जिस पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर भी कर दिये हैं।
अपडेटेड Jun 19, 2020 पर 10:24  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस के कारण अमेरिका पिछले कुछ समय से लगातार चीन पर कई तरह के आरोप लगा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस को चीनी वायरस तक कहा है। इसके बाद हॉन्गकॉन्ग और ताइवान के मुद्दे पर ट्रंप ने खुलकर नाराजगी व्यक्त की थी। लेकिन अब ट्रंप ने चीन को बड़ा झटका दिया है। चीन में मौजूद उइगर मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यकों पर चीन द्वारा किये जाने वाले अत्याचारों के खिलाफ अमेरिका में विधेयक लाया गया जिस पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर भी कर दिये हैं।


इस विधेयक के माध्यम से अमेरिका ने चीन में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों के विरोध में कठोर कदम उठाने का निश्चय किया है। चीन में उइगर मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यकों पर होने वाले अन्याय में किसी भी प्रकार रोल रखने वाले व्यक्ति के विरोध में अमेरिका कार्रवाई करेगा। इस विधेयक पर राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर होने के बाद ये विधेयक कानून के रूप में रूपांतरित हो गया है।


चीन के शिनिजियांग पश्चिम में रहने वाले उइगर मुस्लिमों के साथ ही अल्पसंख्यकों पर नजर रखने वाले और इनके विरोध में कार्रवाई करने वाले किसी भी व्यक्ति को अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। इसमें विशेष बात ये है कि यह नियम यहां के सुरक्षा विभाग में काम करने वाले व्यक्ति और अधिकारियों पर लागू होगा। इसकी वजह से इन अल्पसंख्यकों के शिविरों की व्यवस्था और उन पर नजर रखने वाले लोगों के लिए इस विधेयक के कारण अमेरिका के दरवाजे बंद हो गये हैं। बताया जाता है कि चीन के अल्पसंख्यक शिविर में करीब 1 लाख नागरिक रहते हैं।


लोकसत्ता में छपी खबर के मुताबिक पिछले कई सालों से चीन में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अन्याय की चर्चा पूरी दुनिया में होती रही है परंतु इस प्रकार किसी भी देश ने खुल कर कानून बनाते हुए चीन का विरोध करने का रुख नहीं अपनाया था। अब ट्रंप ने चीन में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अन्याय के खिलाफ एक्शन लेने का निर्णय लिया है।


चीन में अल्पसंख्यकों के हितों की लड़ाई लड़ने वालों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उइगर मुस्लिम चीन के लिए खतरा हैं ऐसा चीन का रुख है। चीन पर इन नागरिकों के विरोध में उनकी धार्मिक परंपरा के अनुसार दाढ़ी बढ़ाने, बुरखा पहनने पर कार्रवाई किये जाने के आरोप लगते रहे हैं। इसके अलावा अन्य अल्पसंख्यकों पर चीन के द्वारा अत्याचार किये जाते हैं। उइगर मुस्लिमों के हितों के लिए लड़ने वाले नूरी टर्केल ने कहा है ये दिन अमेरिका और उइगरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्होंने अमेरिका के इस निर्णय का स्वागत किया है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।