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दिसंबर 2019 से पहले वुहान में कोरोना वायरस के कोई संकेत नहीं - WHO

चीनी टीम के हेड Liang Wannian ने कहा कि दिसंबर 2019 के पहले आम आबादी Sars-Cov-2 के संक्रमण के कोई सबूत नहीं मिले हैं
अपडेटेड Feb 10, 2021 पर 10:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वहान में कोरोना वायरस महामारी के विस्फोट को लेकर जांच कर रही WHO और चीनी एक्सपर्ट की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार को दिए गए बयान में कहा है कि चीन के सेंट्रल वुहान में दिसंबर 2019 के पहले कोरोना वायरस के फैलने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। प्रेस कॉन्फ्रेन्स को संबोधित करते हुए चीनी टीम के हेड Liang Wannian ने कहा कि दिसंबर 2019 के पहले आम आबादी Sars-Cov-2 के संक्रमण के कोई सबूत नहीं मिले हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि यह वायरस वुहान शहर में दिसंबर 2019 के पहले फैला।


चीनी हेल्थ कमीशन के एक्सपर्ट ने कहा कि कोरोना वायरस दिसंबर 2019 के आखिरी में चीन के वुहान शहर में पाए जाने के पहले ही दूसरे क्षेत्रों फैल चुका होगा। प्रेस मीट को संबोधित करते हुए WHO मिशन के हेड बेन एम्बार्क ने कहा कि इस स्टडी का फोकस इस बात पर है कि क्या कोरोना वायरस का कोई पहले से इतिहास है। और क्या ये दिसंबर 2019 के पहले ही आम लोगों में फैल रहा था। WHO को एक्सपर्ट ने उस विवादित थ्योरी का भी खंडन किया कि कोरोना वायरस वुहान की लैब से बाहर फैला। उन्होंने आगे कहा कि वुहान लैब से आम लोगों में कोरोना वायरस के फैलने की कल्पना करना असंभव है। WHO के वैज्ञानिकों ने ये भी कहा कि वो यह साबित करने में असफल रहे कि कोरोना वायरस का स्रोत जानवरों में है। बता दें कि तमाम जानकारों का मानना है कि दुनिया भर 23 लाख से ज्यादा लोगों की जान लेने वाला ये वायरस चमगादड़ से मनुष्य और दूसरे स्तनधारी जीवों में फैला।


चीनी टीम के प्रमुख ने कहा कि इस बात की संभावना है, कि यह जानवरों से आदमियों में फैला हो, लेकिन अभी भी इस वायरस के होस्ट को पहचान करना बाकी है। उन्होंने आगे कहा कि स्टडी से पता चलता है कि यह वायरस कोल्ड चेन प्रोडक्ट्स पर लंबी दूरी तय कर सकता है। चीन में यह प्रचारित किया गया है कि  यह वायरस चीन के बाहर से आया है। चीनी टीम के हेड Liang Wannian ने भी इसी ओर संकेत किया है।


Wannian ने ये भी कहा कि कोविड-19 का वायरस 2019 के आखिरी में चीन के वुहान शहर में पहचानने पहले ही दूसरे क्षेत्रों में मौजूद रहा होगा। बता दें कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार- बार इस बात को दोहराते रहे हैं कि कोरोना वायरस चीन के वुहान लैब से लीक हुआ है।   


बता दें कि WHO की टीम चीन के वुहान शहर के दौर पर है। ये वही वुहान है जहां नवंबर 2019 में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला सामने आया था।


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