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2019 में अच्छे पैसे बनने का भरोसा: समीर अरोड़ा

प्रकाशित Wed, 31, 2018 पर 12:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार की आगे की चाल और दिशा पर बात करते हुए हेलियस कैपिटल के समीर अरोड़ा ने कहा कि भारतीय बाजारों में गिरावट के लिए सिर्फ विदेशी कारण जिम्मेदार नहीं है। इस गिरावट के लिए घरेलू कारण ज्यादा जिम्मेदार हैं। अमेरिका बाजार की स्थिति मजबूत है। अमेरिकी और दूसरे बाजारों में इतना अंतर कभी नहीं रहा जितना अभी दिख रहा है।


बाजार में गिरावट की वजह पर बात करते हुए समीर अरोड़ा ने कहा कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से दबाव बाजार पर दबाव है। अमेरिका में दरें बढ़ने से विदेशी निवेशकों ने पैसा निकाला है। यूएस में दरें बढ़ने से रुपये पर भी दबाव पड़ा है।


अमेरिका में दरें बढ़ने से चिंता है। अमेरिका में दरें उम्मीद से ज्यादा नहीं बढ़नी चाहिए। उभरते बाजारों में काफी गिरावट हो चुकी है। अमेरिका और दूसरे बाजारों में इतना अंतर कभी नहीं रहा जितना इस समय दिख रहा है। आम तौर पर मंदी में 20-25 फीसदी से ज्यादा गिरावट नहीं होती। हालांकि समीर अरोड़ा का ये भी मानना है कि बाजार के 2008 जितना गिरने के आसार नहीं है।


ट्रेड वॉर पर बात करते हुए समीर अरोड़ा ने कहा कि ट्रेड वॉर का भारत पर सीधा असर नहीं है। दूसरे इमर्जिंग मार्केट को ट्रेड वॉर से ज्यादा खतरा है। समीर अरोड़ा की सलाह है कि गिरावट पर बाजार में निवेश करते जाएं। बाजार इकोनॉमी की ग्रोथ के साथ चलता है। अच्छे डायवर्सिफाइड फंड में निवेश करें।


लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स यानि एलटीसीजी पर समीर अरोड़ा ने कहा कि विदेशी निवेशकों पर एलटीसीजी टैक्स लगाना गलत है। बैंक प्रोमोटर्स पर हिस्सा घटाने का दबाव बनाना भी गलत है। एनबीएफसी संकट को ठीक से नहीं संभाला गया। कैपिटल गेन टैक्स कैलकुलेशन में दिक्कत होती है। एलटीसीजी टैक्स से निवेश में मुश्किल होती है।


समीर अरोड़ा के मुताबिक निजी बैंक, इंश्योरेंस, एनबीएफसी में निवेश के मौके है। कंज्यूमर शेयरों में भी निवेश करने की सलाह है। लेकिन ऑटो सेक्टर से दूर रहें। समीर अरोड़ा की फिलहाल फार्मा और आईटी शेयरों में नया निवेश करने की सलाह नहीं है। गिरते बाजार में निवेश जारी रखें। निवेश के लिए चुनाव नतीजों का इंतजार कर सकते हैं। चुनाव के नतीजों का लंबी अवधि में खास असर नहीं होगा। 2019 में अच्छे पैसे बनने का भरोसा है। बाजार में लगातार दो साल बड़ी गिरावट नहीं होती। मंदी का दौर बहुत छोटा होता है।