त्रिशंकु सरकार बनी तो बाजार में बड़ी गिरावट: रिधम देसाई -
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त्रिशंकु सरकार बनी तो बाजार में बड़ी गिरावट: रिधम देसाई

प्रकाशित Wed, 06, 2018 पर 11:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार के सेंटिमेंट इस वक्त बिगड़े हुए हैं। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की जबरदस्त पिटाई जारी है। बाजार को कई फैक्टर डरा रहे हैं। महंगा क्रूड, महंगाई, ऊंची बॉन्ड यील्ड सब बाजार को डरा रहे हैं। बाजार 2019 के आम चुनाव को लेकर भी आशंकित है। ऐसे में बाजार की चाल कैसी रहेगी, बाजार संभलेगा या गिरावट गहराएगी। निवेशकों को क्या निवेश करना चाहिए या अभी दूर रहने में ही भलाई है। इन्हीं सब बातों पर अपनी राय रखते हुए सीएनबीसी-आवाज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में मॉर्गन स्टैनली इंडिया इक्विटी रिसर्च के मैनेजिंग डायरेक्टर, रिधम देसाई ने कहा कि अर्थव्यवस्था में निवेश की दर बहुत घट चुकी है। इकोनॉमी में निवेश की दर 39 फीसदी से घटकर 27-28 फीसदी हुई है। हालांकि करेंट अकाउंट घाटे में काफी सुधार आया है और सरकारी घाटे में कमी आई है। आगे चलकर कॉरपोरेट ग्रोथ सुधरने की उम्मीद है। अगले 3-4 साल में 20 फीसदी कॉरपोरेट ग्रोथ की उम्मीद है।


रिधम देसाई के मुताबिक बाजार की नजर 2019 के चुनावों पर है। उनका मानना है कि 2019 में मजबूत सरकार न बने, ऐसे में अगर कमजोर सरकार बनी तो बाजार में ज्यादा तेजी नहीं होगी। मजबूत सरकार बनी तो सेंटिमेंट सुधरेगा, लेकिन कमजोर सरकार बनी तो बाजार में 20-25 फीसदी तक गिरावट संभव है। रिधम देसाई का कहना है कि कच्चे तेल के दाम गिरकर 65 डॉलर पर पहुंचे तो सेंटिमेंट सुधरेगा। हालांकि तेल के दाम चढ़कर 85 डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।


रिधम देसाई का मानना है कि बाजार में 2019 चुनावों का असर पहले ही दिखने लगेगा। उन्होंने कहा कि चुनावों का असर सितंबर-अक्टूबर से ही दिखने लगेगा। साथ ही ये भी कहा कि मिडकैप में गिरावट जारी रह सकती है। मिडकैप शेयरों की रिकवरी में वक्त लगेगा। मिडकैप शेयरों को लेकर सेबी ने सही वक्त पर कदम उठाया है। लार्जकैप का प्रदर्शन मिडकैप शेयरों से बेहतर रहेगा। रिधम देसाई के मुताबिक फिलहाल रिजर्व बैंक को दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं है। आरबीआई 6 महीने बाद पॉलिसी दरें बढ़ा सकता है। मौजूदा वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में रिजर्व बैंक दरें बढ़ा सकता है।