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बाजार में इतना डर क्यों, सुधरेगा या और गिरावट बाकी!

प्रकाशित Wed, 03, 2018 पर 13:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार की गिरावट से सभी सहमे हुए हैं। कमजोर शेयर तो छोड़िए बाजार तगड़े फंडामेंटल्स वाले शेयरों को भी नहीं बख्श रहा है। निफ्टी के शेयर भी एक दिन में 10 फीसदी तक टूट जाते हैं। बाजार में अब आगे क्या होगा? क्या गिरावट थमेगी या आगे और तकलीफ बाकी है। इस पर अपनी राय देते हुए कोटक म्युचुअल फंड के एमडी, नीलेश शाह ने कहा कि बाजार काफी प्रीमियम पर था। साथ ही करेंसी, क्रेडिट, इंटरेस्ट मार्केट से खराब संकेत थे। लिक्विडी मार्केट से भी खराब संकेत थे। वहीं आईएलएंडएफएस के रेटिंग डाउनग्रेड से दबाव बना और एफआईआई ने इक्विटी के अलावा डेट में बिकवाली की। नीलेश शाह का कहना है कि निवेशक अपने एसेट अलोकेशन पर ध्यान दें और लंबी अवधि के लिए निवेश करें।


आईएलएंडएफएस मामले में सरकार ने जो हल निकाला है, उस पर नीलेश शाह ने कहा कि सरकार ने आईएलएंडएफएस मामले में सत्यम जैसे कदम उठाए हैं। आईएलएंडएफएस में लिक्विडिटी की दिक्कत है। आईएलएंडएफएस में इक्विटी डालने की जरूरत है। साथ ही आईएलएंडएफएस के कर्ज को रिफाइनेंस किया जाना चाहिए। सरकार को आईएलएंडएफएस के बकाया का भुगतान भी करना चाहिए।


वहीं नीलेश शाह का मानना है कि दरों को लेकर आरबीआई अभी दुविधा में है। उन्होंने कहा कि बाजार रेपो रेट में 3-4 बढ़ोतरी मानकर चल रहा है। कच्चे तेल में तेजी से महंगाई का खतरा बना हुआ है, ऐसे में इस बार की पॉलिसी में दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी मुमकिन है।