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Coronavirus के खिलाफ चल रही लड़ाई से निवेशकों के लिए भी कुछ खास सीख, इनका रखें खयाल

निवेश के कुछ मूल और सामान्य नियमों का पालन करके निवेश जोखिम को कम किया जा सकता है
अपडेटेड Apr 07, 2020 पर 08:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

गौरव दुआ


पूरी दुनिया को परेशान करके रख देने वाले कोरोना वायरस से निपटने के कुछ सामान्य से नियम है इनमें से घर में रहना, सुरक्षित रहना, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना, अपने स्वास्थ्य को बनाए रखना जैसे चीजें शामिल है। कोरोना ये खिलाफ ये लड़ाई इससे बचाव और इसके संक्रमण के फैलाव को कम से कम करने पर ही अधारित है।


सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे कुछ देशों ने हमें यह दिखाया है कि कैसे प्रो-एक्टिव एप्रोच अपना कर हम इस जानलेवा वारयस के फैलाव को प्रभावी रुप से कम कर सकते हैं और इस महामारी से होने वाले सामाजिक और आर्थिक नुकसान को कम से कम कर सकते हैं।


यहां हम कोरोना की लड़ाई से मिली कुछ सीखों को निवेशकों पर कैसे लागू करें  यह बताने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि सफल निवेश का मंत्र जोखिम से बचना नहीं उसको सही तरीके से प्रबंधित करना ही है।


हम अपने जोखिम निवेश को आगे दिए गए बेसिक और सिंपल निवेश नियमों से प्रबंधित कर सकते हैं।


Social distancing-नो क्राउडिंग प्लीज यानी निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड रखने की जरुरत है। जोखिम से बचने के लिए किसी एक सेक्टर या किसी खास शेयर में ज्यादा बड़ा निवेश आपको बाजार के उतार-चढ़ाव के जोखिमों का शिकार बना सकता है। दूसरी तरफ सभी तरह के सेक्टरों से संबंधित क्वालिटी लिक्विड शेयरों में दो तिहाई निवेश के साथ ही एक अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बाजार के उतार-चढ़ाव में बेहतर प्रदर्शन करता है और आपके जोखिम को कम करता है।


बेसिक hygiene का ध्यान रखें- उधार लिए गए पैसे से कभी निवेश ना करें। ध्यान रखें मार्केट को कभी टाइम नहीं किया जा सकता। आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न आपके निवेशित रहने के समय पर निर्भर करता है, तो आप अपने पैसा का उतना ही भाग बाजार में लगाए जिसको आप लंबे समय तक निवेशित रख सकें।
 
Stay safe- चरणबद्ध तरीके या किश्तों में  निवेश करके बाजार के उतार-चढ़ाव से दोस्ती करें। बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करने का एक समझदारी पूर्ण तरीका म्यूचुअल फंडों में अथवा सीधे इक्विटी में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश करना है।


जिस तरह किसी में कोरोना के लक्षण दिखाई देने शुरु होते है तो उसे प्रो-एक्टिव एक्शन लेते हुए अपना टेस्ट करवाना चाहिए और चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। उसी तरह यदि आपका निवेश बाजार के उतार-चढ़ाव के फ्लू का शिकार हो जाता है तो प्रोफेशनल सलाह लेने में बिल्कुल कोताही ना बरतें।


अंत में हमारा कहना है कि दुनिया पहले भी मुश्किल दौर से गुजरी है और इन मुश्किलों से बाहर भी आई है। इसी तरह बाजार भी पहले भी मुश्किलों के दौर से गुजरा है और अंत में इन मुश्किलों से निजात पाते हुए अगले कुछ सालों में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। इस समय भी कुछ ऐसा ही होगा। बाजार में रिकवरी देखने को मिलेगी और अच्छा रिटर्न भी मिलेगा। ये इस पर निर्भर करता है कि बाजार के उतार-चढ़ाव में हम कैसे प्रतिक्रिया करते हैं।


गौरव दुआ Sharekhan में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, हेड, कैपिटल मार्केट स्टैटजी एंड इन्वेस्टमेंट है। लेख मेंदिए गए विचार उनके व्यक्तिगत विचार है।


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