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यूएस मार्केट्स में मचेगी धूम, घरेलू बाजारों के लिए चिंता बरकरार

उदयन मुखर्जी ने कहा कि डॉलर में मजबूती के आसार हैं और यूएस मार्केट्स में तेजी देखने को मिलेगी।
अपडेटेड Dec 15, 2016 पर 12:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार की आगे की चाल पर सीएनबीसी-आवाज़ से बात करते हुए जाने माने मार्केट एक्सपर्ट उदयन मुखर्जी ने कहा कि घरेलू बाजारों ने यूएस फेड के दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी का अंदाजा पहले से ही लगा लिया था। हालांकि आगे 2017-18 में इमर्जिंग मार्केट्स के लिए राह आसान नहीं लग रही है। यूएस में ब्याज दरें बढ़ेंगी, जबकि भारत में ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश है। इस परिदृश्य में भारत के बॉन्ड मार्केट में से पैसे निकलने की आशंका ज्यादा है।


उदयन मुखर्जी का कहना है कि दुनियाभर के फंड मैनेजर की नजरें अमेरिका और जापान के बाजारों पर है। दरअसल 2016 में अमेरिकी बाजारों ने जबर्दस्त रिटर्न दिए हैं, तो पिछले 6 महीनों में जापान के बाजार ने अपने निचले स्तरों से 30 फीसदी का सुधार दिखाया है। इस स्थिति को देखते हुए भारतीय बाजारों में एफआईआई की ओर से बड़े पैमाने पर निवेश की उम्मीद मुश्किल है।


उदयन मुखर्जी ने ये भी कहा कि आगे डॉलर में मजबूती के आसार हैं और यूएस मार्केट्स में तेजी देखने को मिलेगी। यूएस में बॉन्ड यील्ड भी ऊपर जाने की उम्मीद है। इस लिहाज से दुनियाभर का ज्यादातर निवेश अमेरिका का रुख करने के आसार बन रहे हैं। इस तरह डॉलर इंडेक्स के 110 तक जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। ये संकेत रुपये के लिए अच्छे नहीं हैं और आगे डॉलर के मुकाबले रुपया 69-70 तक टूटने की आशंका है।


उदयन मुखर्जी के मुताबिक घरेलू बाजारों के लिए यूएस मार्केट से कोई खास संकेत नहीं मिलने वाले हैं। घरेलू बाजारों की आगे की चाल अब ज्यादातर कंपनियों के नतीजे और बजट एलानों पर निर्भर रहने वाली है। नोटबंदी का कंपनियों के बैलेंसशीट पर असर जैसे जैसे सामने आएगा वैसे वैसे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। बाजार के लिए बजट सबसे बड़ा इवेंट साबित होने वाला है। बजट में नोटबंदी के झटके से बाजार को उबारने की कोशिश की जा सकती है।


उदयन मुखर्जी का कहना है कि अगले 1-2 हफ्तों में घरेलू बाजार की चाल सीमित दायरे में ही रह सकती है। बाजार के लिए अभी 7900-8300 का दायरा नजर आ रहा है। नोटबंदी से कंज्यूमर कंपनियों को काफी झटका लगा है, ऐसे में बजट में इन सेक्टरों के लिए क्या एलान होंगे इस पर बाजार की नजर होगी। नोटबंदी के चलते निजी कंपनियों के कैपेक्स को झटका लगा है, ऐसे में बजट में सरकार की ओर से ग्रोथ को बढ़ाने के लिए निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। सरकार की ओर से निवेश बढ़ाने से बाजार को सहारा मिल सकता है।