Moneycontrol » समाचार » बाजार आउटलुक- फंडामेंटल

निफ्टी में 25000 का स्तर मुमकिन: प्रशांत जैन

प्रकाशित Mon, 25, 2019 पर 12:20  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एचडीएफसी एएमसी के सीआईओ प्रशांत जैन दुनिया में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड मैनेजर रहे हैं। इनको 25 साल से रिटर्न देने के मामले में बादशाह कहा जा सकता है। इन्होंने एचडीएफसी बैलेंस एडवांटेज फंड 1994 से लगातार मैनेज किया है। इसका 25 सालों का रिटर्न सेंसेक्स से 9.54 फीसदी ज्यादा रहा है। इस फंड का कुल एसेट 37000 करोड़ रुपये है। अब तक सिर्फ पीटर लिंच ने इनसे बेहतर रिटर्न दिया है। इंडेक्स से ज्यादा रिटर्न देने के हिसाब से ये तुलना की गई है।


बाजार की आगे की चाल और दिशा पर बात करते हुए प्रशांत जैन ने कहा कि मौजूदा सरकार के लौटने की संभावना बढ़ी है। चुनाव का बाजार पर कुछ खास असर नहीं होगा। चुनावी साल में बाजार का रिटर्न हमेशा पॉजिटिव रहा है। लंबी अवधि के लिए बाजार में तेजी की उम्मीद है। 5 साल में निफ्टी 25000 तक जा सकता है । आने वाले समय में बाजार से बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है। इस समय कॉरपोरेट बैंकों में सबसे ज्यादा निवेश हो रहा है। दुनिया के बाजारों की गिरावट का भारतीय बाजारों पर ज्यादा असर नहीं होता। दुनिया में ग्रोथ कम होने से अगर कच्चा तेल सस्ता होगा तो कच्चे तेल की कमजोरी से हमें फायदा होगा। डीआईआई की बिकवाली के आंकड़े सही तस्वीर पेश नहीं करते। डीआईआई सरकारी कंपनियों के विनिवेश में भी पैसे लगा रहे हैं।


प्रशांत जैन का कहना है कि लंबी अवधि में बाजार ने अच्छे रिटर्न दिए है। 40 सालों में सेंसेक्स ने बेहतरीन रिटर्न दिए हैं। आगे सालाना 12-15 फीसदी रिटर्न बरकरार रहने की संभावना है। बाजार में अभी भी वैल्युएशन सही है। आने वाले समय में बाजार से बेहतर रिटर्न मिलेगा। 5 साल में निफ्टी 25,000 तक जा सकता है। अगले 5 साल में बाजार दोगुना हो सकता है। बाजार में आगे ग्रोथ की रफ्तार बरकरार रहेगी। इकोनॉमिक ग्रोथ पर बाजार का रिटर्न निर्भर करता है। आगे इकोनॉमी में ग्रोथ होगी जिसका असर बाजार पर भी दिखेगा। लेकिन छोटी अवधि में कुछ भी हो सकता है। छोटी अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है।


अगली क्रेडिट पॉलिसी से क्या उम्मीद है? इस सवाल के जवाब में प्रशांत जैन ने कहा कि ब्याज दरों में अभी भी कटौती की उम्मीद है। इस समय कॉरपोरेट बैंकों में सबसे ज्यादा निवेश देखने को मिल रहा है। कॉरपोरेट बैंकों में हमारा ज्यादा जोर है। एनपीए की समस्या सुलझ रही है। सरकारी बैंकों में एनपीए कम होने पर फायदा होगा। सरकारी बैंक होने का फायदा होता है। सरकारी बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंक में ग्रोथ बेहतर है। लेकिन सिर्फ ग्रोथ देखकर निवेश करने में रिस्क भी है।


प्रशांत जैन की सलाह है कि लॉन्ग टर्म की सोचकर वैल्यू स्टॉक में रहें। कंजम्प्शन सेक्टर के वैल्युएशन महंगे हो गए हैं। मिडकैप और लार्जकैप की एवरेज ग्रोथ में ज्यादा फर्क नहीं है। आने वाले समय में मिडकैप में रिटर्न बढ़ेगा लेकिन लंबी अवधि में मिडकैप और लार्जकैप में बराबर रिटर्न संभव है।


प्रशांत जैन ने भारतीय बाजार पर ग्लोबल असर की बात करते हुए कहा कि विदेशी और भारतीय बाजारों में सीधा ताल्लुक नहीं है। दुनिया में स्लो डाउन का ज्यादा असर भारतीय बाजारों पर नहीं होगा। दुनिया में ग्रोथ घटी तो भारतीय बाजार को फायदा होगा। दुनिया में ग्रोथ कम होने से कच्चा तेल सस्ता होगा। कच्चे तेल की कमजोरी से भारत को फायदा होगा।