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बाजार में कंसोलीडेशन, गिरावट में करें खरीद, लेकिन इन बातों का रखें ध्यान

लगातार 5 दिनों से हो रही गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी को इनके क्रूसिअल सपोर्ट लेबल से नीचे धकेल दिया है।
अपडेटेड Feb 23, 2021 पर 17:42  |  स्रोत : Moneycontrol.com

लगातार 5 दिनों से हो रही गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी को इनके क्रूसिअल सपोर्ट लेबल से नीचे धकेल दिया है। इसकी वजह कमजोर ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़त है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अपने ऑल टाइम हाई से 5 फीसदी से ज्यादा फिसल गए हैं। सोमवार को सेंसेक्स 50 हजार से नीचे फिसल गय़ा। वहीं निफ्टी 14,750 के अपने क्रूसिअल सपोर्ट लेबल से नीचे चला गया।


रायटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएस में 10 साल के ट्रेजरी नोट्स के यील्ड पहले ही 1.38 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है जो 1.30 फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ चुकी है। इस साल अब तक ट्रेजरी यील्ड में 43 बेसिक पॉइंट की बढ़त हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि US बॉन्डों की बढ़ती यील्ड ने इक्विटी वैल्यूएशन को महंगा बना दिया है। जिससे पूरी दुनिया में बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है।


हालांकि इस स्थिति में एक अच्छी बात ये है कि विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजारों में फरवरी में अब तक नेट बॉयर रहे हैं। 29 जनवरी से 19 फरवरी 2021 के आंकड़ों के मुताबिक, FII ने अब तक भारतीय बाजारों में 23,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। 


बाजार में अहम टेक्निकल इंडीकेटर शॉर्ट टर्म में गिरावट की ओर संकेत कर रहे हैं। हालांकि जानकारों का कहना है कि एक ओवरऑल बुलिश ट्रेंड में यह करेक्शन बाजार के लिए अच्छा है। ऐसे में निवेशकों को इस गिरावट में मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए अच्छे शेयरों की खरीद की सलाह है।


मारवाड़ी शेयर्स के जय ठक्कर ने कहा कि बाजार में कुछ कंसोलीडेशन देखने को मिल रहा है। लेकिन बाजार की लॉन्ग टर्म स्टोरी मजबूत बनी हुई है। बाजार इस समय गिरावट में खरीद का मौका दे रहा है। अभी बाजार की बड़ी स्टोरी आनी बाकी है। शॉर्ट-टर्म में निफ्टी में  15,500  का स्तर देखने को मिल सकता है। निफ्टी ने 15,431 का हाई बना लिया है जो हमारे टार्गेट के बहुत करीब है। इन लेवलों पर हमें सेक्टर और स्टॉक स्पेसिफिक होने की जरूरत है। क्योंकि हमें एकतरफा रैली नहीं देखने को मिलेगी जिसमें सभी शेयरों में अंधी दौड़ हो।


निवेशकों की अब क्या हो रणनीति


इस स्थिति में निवेश रणनीति क्या हो इस पर TBNG कैपिटल से तरुण बिरानी (Tarun Birani) का कहना है कि निवेशकों को इस समय कुछ खास बिंदुओं पर ध्यान रखने की जरूरत है।


किसी भी निवेश के पीछे उस पर मिलने वाला रिटर्न सबसे अहम होता है। इसलिए ध्यान रखें कि लो अथवा नगण्य RoE वाली कंपनियों में निवेशक को उनके निवेश का कोई भी रिटर्न मिलने की संभावना नहीं रहती है। निवेशकों को उन्हीं कंपनियों में निवेश करना चाहिए प्रॉफिटिबिलटी काफी ज्यादा हो और जिनके ऊपर बिल्कुल भी कर्ज ना हो। ऐसा कंपनियों में ग्रोथ की व्यापक संभावना रहती है।


इसके अलावा निवेशकों को ऐसी कंपनियों पर दांव लगाना चाहिए जिनका कॉर्पोरेट गर्वेनेंस काफी अच्छा हो और जिसका प्रबंधन विश्वसनीय हो। मजबूत और ईमनादर प्रबंधन वाली कंपनियों में अच्छा पैसा बनता है।


उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 ने हमें एक और पाठ पढ़ाया है कि किसी भी कंपनी के बाजार में टिके रहने के लिए यह जरूरी है कि वो जरूरत के हिसाब से अपने में कितना तेजी से बदलाव करती है। ऐसी कंपनियां जिनमें जरूरत के हिसाब से निर्णय लेने की क्षमता हो उनका प्रदर्शन अच्छा हो।


इसके अलावा किसी भी कंपनी में निवेशकों का विश्वास उसके प्रमोटरों की हिस्सेदारी पर निर्भर करता है। कंपनी में प्रमोटर की बड़ी हिस्सेदारी इस बात का संकेत है कि प्रमोटर को कंपनी के फ्यूचर ग्रोथ को लेकर विश्वास है, तभी वो इतने पैसे डाल रहा है।


किसी भी कंपनी की ग्रोथ को नापने के लिए उसके पिछले प्रदर्शन से वर्तमान स्तर की प्रगति को ध्यान में रखे। इसके अलावा कंपनी के कैश फ्लो और लंबी अवधि में प्रदर्शन से जुड़ी संभावनाओं का विश्लेषण करते रहें।




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