अब चार साल का होगा BEd का कोर्स, सरकार ने शुरू किया इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम

अब चार साल का होगा BEd का कोर्स, सरकार ने शुरू किया इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम

यह नया इंटीग्रेटेड कोर्स नई शिक्षा नीति के साथ तालमेल बिठाने वाले शिक्षकों को बनाने में मदद करेगा

अपडेटेड Oct 27, 2021 पर 8:49 PM | स्रोत : Moneycontrol.com

नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप, सरकार ने चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किया है। अब, बीएड कोर्स को इंटीग्रेटेड किया जाएगा और यह चार साल का होगा। इसका मतलब यह कि चार साल की BEd डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को BA और BEd या BSc और BEd या BCom और BEd की डिग्री एक साथ मिलेगी। आमतौर पर, इन दो डिग्रियों को पूरा करने में छात्रों को पांच साल लगते हैं। इंटीग्रेटेड डिग्री में दोनों डिग्री मिलेंगी और साथ ही छात्रों का एक साल भी बचेगा।

पूर्व शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पहले घोषणा की थी कि यह नया इंटीग्रेटेड कोर्स नई शिक्षा नीति के साथ तालमेल बिठाने वाले शिक्षकों को बनाने में मदद करेगा।

जैसा कि शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषा में टीचिंग, स्कूली बच्चों को कोडिंग सिखाने सहित कोर्स में कई बदलाव शामिल हैं, तो यह नई डिग्री शिक्षकों को इस के हिसाब से तैयार करेगी और यह एक नया करिकुलम होगा।

सरकार का लक्ष्य चार साल के इंटीग्रेटेड BEd को 2030 तक टीचिंग के लिए जरूरी न्यूनतम डिग्री बनाना है। शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने इस करिकुलम के कोर्स को इस तरह से तैयार किया है कि यह छात्र-शिक्षक को शिक्षा में डिग्री के साथ-साथ इतिहास, गणित, विज्ञान, कला, अर्थशास्त्र या वाणिज्य जैसे विशेष अनुशासन में भी सक्षम बनाता है।

चार साल के ITEP की शुरुआत शैक्षणिक सत्र 2022-23 से होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET) के जरिए एडमिशन दिया जाएगा। यह कोर्स मल्टी-डिसिप्लिनरी संस्थानों की तरफ से कराया जाएगा और स्कूली शिक्षकों के लिए न्यूनतम डिग्री योग्यता (Minimal Degree Qualification) बन जाएगा।

शिक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "कोर्स पूरे टीचर्स एजुकेशन सेक्टर के पुनरोद्धार में अहम योगदान देगा। भारतीय मूल्यों और परंपराओं के आधार पर मल्टी-डिसिप्लिनरी वातावरण के जरिए इस कोर्स से गुजरने वाले भावी शिक्षकों को वैश्विक मानकों पर 21वीं सदी की जरूरतों के साथ तैयार किया जाएगा और इसलिए यह नए भारत के भविष्य को आकार देने में काफी हद तक मददगार होंगे।"

हालांकि, एक और दो साल के BEd ऑप्शन भी उपलब्ध होंगे। दो साल का बीएड बैचलर डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों के लिए होगा और एक साल का BEd प्रोग्राम केवल उन लोगों के लिए होगा, जिन्होंने चार साल के मल्टी-डिसिप्लिनरी स्नातक की डिग्री के बराबर कोई डिग्री पूरी की होगी या जिन्होंने मास्टर डिग्री ली है।

इन उम्मीदवारों को बाद में NEP 2020 राज्यों में विशेषता (या UG या PG स्तर पर किए गए विषय) के क्षेत्र में विषय शिक्षक (Subject Teachers) के रूप में काम पर रखा जाएगा।

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First Published: Oct 27, 2021 8:49 PM

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