B.Ed vs BTC: अब प्राइमरी स्कूलों में टीचर नहीं बन पाएंगे बीएड होल्डर! SC ने कहा- केवल बीटीसी उम्मीदवार होंगे पात्र

B.Ed vs BTC: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक फैसले में कहा कि अब से केवल बीटीसी डिप्लोमा धारक वाले ही लेवल 1 टीचर भर्ती परीक्षा के पात्र होंगे। जबकि बीएड उम्मीदवार अब पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ाने के लिए टीचर पदों के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे। बीएसटीसी बनाम बीएड विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है

अपडेटेड Aug 11, 2023 पर 7:36 PM
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BED vs BTC: इस फैसले से राजस्थान सहित देश भर के बीएड उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगेगा

BED vs BTC Row: सुप्रीम कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक फैसले में कहा कि अब से केवल बीटीसी डिप्लोमा धारक वाले ही लेवल 1 टीचर भर्ती परीक्षा के पात्र होंगे। जबकि बीएड उम्मीदवार अब पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ाने के लिए टीचर पदों के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे। बीएसटीसी बनाम बीएड विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) के फैसले को बरकरार रखा है। ऐसे में देश भर के बीएड उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगेगा। बीएसटीसी बनाम बीएड विवाद (BSTC vs B.Ed Dispute) में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

शुक्रवार को आए सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब केवल बीटीसी डिप्लोमा धारक ही लेवल-1 (थर्ड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा) के लिए पात्र होंगे। जबकि बीएड उम्मीदवार अब पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को में पढ़ाने के लिए टीचर पदों के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर के बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राजस्थान में भी गहरा असर पड़ेगा, वहां इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं।


सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशनकौल के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने शुक्रवार को एनसीपीई और केंद्र सरकार की एसएलपी सहित मुकेश कुमार एवं अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उपरोक्त आदेश दिया। सर्वोच्च अदालत ने एनसीपीई और केंद्र सरकार की एसएलपी खारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है।

मुकेश कुमार और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं के साथ-साथ एनसीपीई और केंद्र सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) सहित याचिकाओं की कार्यवाही के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल की अगुवाई वाली खंडपीठ ने यह आदेश लिया।

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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को सही माना है। दरअसल, राजस्थान हाई कोर्ट ने हाल ही में उस अधिसूचना को अमान्य कर दिया था, जिसमें बीएड डिग्रीधारकों को पहली से पांचवीं तक के लिए पात्र माना गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अब राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले की पुष्टि कर दी है। कोर्ट ने NCPE और केंद्र सरकार की SLP को खारिज कर दिया।

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