Farmers Protest: MSP और दूसरे मुद्दों पर किसानों से बात करेगी सरकार, समिति बनाने के लिए किसान मोर्चा से मांगे चार नाम

Farmers Protest: MSP और दूसरे मुद्दों पर किसानों से बात करेगी सरकार, समिति बनाने के लिए किसान मोर्चा से मांगे चार नाम

किसान नेता दर्शनपाल ने कहा कि किसान संगठन इस मामले में चार दिसंबर को होने वाली बैठक में फैसला लेंगे

अपडेटेड Nov 30, 2021 पर 8:30 PM | स्रोत : Moneycontrol.comसरकार ने SKM से मांगे चार लोगों के नाम (FILE PHOTO)

तीनों कृषि कानूनों को वापस (Farm Laws Repeal) लेने के बाद केंद्र ने किसानों के मुद्दे सुलझाने की दिशा में एक कदम बढ़ाया है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और दूसरे मुद्दों पर चर्चा के लिए समिति बनाने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से पांच लोगों के नाम मांगे हैं। किसान नेता दर्शनपाल (Darshan pal) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि किसान संगठन इस मामले में चार दिसंबर को होने वाली बैठक में फैसला लेंगे। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब एक दिन पहले ही संसद के दोनों सदन में तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए विधेयक पारित किया गया है।

किसान इन कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर पिछले एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, दर्शन पाल ने कहा, 'आज, केंद्र ने उस समिति के गठन के लिए SKM से पांच नाम मांगे हैं, जो कि फसलों के लिए MSP के मुद्दे पर विचार-विमर्श करेगी। हमने अभी नामों को लेकर फैसला नहीं लिया है। हम इस बारे में चार दिसंबर को होने वाली हमारी बैठक में निर्णय लेंगे।'

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SKM ने मंगलवार को एक बयान में साफ किया कि लंबित मांगों पर चर्चा करने और किसान आंदोलन के भविष्य को तय करने के लिए उसकी बैठक बुधवार के बजाय 4 दिसंबर को होगी।

SKM, 40 से ज्यादा फार्म यूनियनों का संगठन, MSP के लिए कानूनी गारंटी सहित तीन कृषि कानूनों और उनकी दूसरी मांगों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है।

इस महीने की शुरुआत में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि जीरो बजट बेस्ड कृषि को बढ़ावा देने, देश की बदलती जरूरतों के अनुसार फसल पैटर्न बदलने और MSP को ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी बनाने के विषयों पर फैसला लेने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।

उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान इसकी घोषणा की जिसमें उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है, जो पिछले एक साल से किसानों के विरोध के केंद्र में थे।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस समिति में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि अर्थशास्त्री शामिल होंगे।

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First Published: Nov 30, 2021 8:30 PM