यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों को रोकने के लिए जल्द लगाया जाएगा 'टाइम बूथ' और क्रैश बीम बैरियर - time booth and crash beam barriers will be installed soon to curb rash driving on greater noida-agra yamuna expressway | Moneycontrol Hindi

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों को रोकने के लिए जल्द लगाया जाएगा 'टाइम बूथ' और क्रैश बीम बैरियर

टाइम बूथ लगने के बाद यह पता चल जाएगा कि कौन सी कार कब एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा है और उसी आधार पर चालान होगा

MoneyControl News | अपडेटेड Jul 05, 2021 पर 10:20 AM

ग्रेटर नोएडा-आगरा यमुना एक्सप्रेसवे (Greater Noida-Agra Yamuna Expressway) पर दुर्घटनाओं की घटनाओं को रोकने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी (YEA) ने एक्सप्रेसवे पर कई उपाय करने का फैसला किया है। यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों पर अंकुश लगाने के लिए टाइम बूथ लगाकर गाड़ियों की गति पर नजर रखी जाएगी। अगर आप तय समय से कम में एक्सप्रेस-वे पार करते हैं तो आपका चालान हो जाएगा। अभी अधिकतर चालान टोल टैक्स के बीच की गति सीमा के आधार पर ही होता है।

यमुना अथॉरिटी के सीईओ अरुणवीर सिंह ने लाइव हिंदुस्तान से कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा उपायों के लिए तमाम काम चल रहे हैं। जो भी बेहतर होगा वो काम कराए जाएंगे। अभी डिवाइडर के दोनों और क्रैश बीम बैरियर लगाने का काम चल रहा है।

अथॉरिटी अब एक्सप्रेसवे के दोनों ओर (ग्रेटर नोएडा और आगरा) जीरो प्वॉइंट पर टाइम बूथ (Time Booth) लगाने की तैयारी कर रहा है। टाइम बूथ लगने के बाद यह पता चल जाएगा कि कौन सी गाड़ी कब एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा है और उसी के आधार पर चालान किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत 165 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे को अगर तय समय से कम में पार किया तो आपका चालान किया जाएगा। टाइम बूथ लगने के बाद इसको प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि इससे लोग तय सीमा में सफर करेंगे तो हादसे भी कम होंगे।

इसके अलावा यमुना एक्सप्रेस-वे डिवाइडर के दोनों और क्रैश बीम बैरियर (Crash Beam Barriers) लगाए जा रहे हैं। बैरियर लगने से गाड़ियां हादसे का शिकार होने के बाद दूसरी लेन में नहीं जाएगा। इससे हादसे की भयावहता कम होगी। उन सड़क हादसों में ज्यादा लोग हताहत होते हैं जो कारें टकराने के बाद दूसरी लेन में जाते हैं।

वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेस-वे पर लोगों को जागरूक करने के लिए कई अहम कदम उठाए जाएंगे। एक्सप्रेस-वे पर जो गाड़ियां हादसे का शिकार होते हैं, उनको एक्सप्रेस-वे के किनारे (स्टैचू की तरह) लगाया जाएगा, ताकि लोग उनको देखकर यह विचार कर सकें कि तेज गति जीवन के लिए कितनी घातक है।

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First Published: Jul 04, 2021 4:26 PM

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