Moneycontrol » समाचार » बीमा

मोटर इंश्योरेंस लेने में कहीं आप धोखे के शिकार तो नहीं हुए, ऐसे जानें

इश्योरेंस सेक्टर में फर्जीवाड़ा बहुत हो रहा है। अगर आपने गलती से फेक इंश्योरेंस ले लिया, तो फिर हाथ पर हाथ धरे रह जाएंगे
अपडेटेड May 07, 2019 पर 12:36  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आज कल बीमा उद्योग भी खूब फल फूल रहा है। कोई भी वाहन खरीदते समय झट से इंश्योरेंस कराना जरूरी होता है। इंश्योरेंस करने वाले लोगों की कतार लगी रहती है। वो आपको कम प्रीमियम में इतनी बेहतर पॉलिसी बताएंगे कि आप झट से ले लेंगे। अगर आपने इंश्योरेंस देने वाले के बारे में थोड़ा भी जानकारी हासिल नहीं की, तो हो सकता है कि आप फर्जीवाड़े का शिकार जाएं। इस सेक्टर में फर्जी लोग आसानी से अपनी पॉलिसी थमाकर निकल लेते हैं। अगर आपने फर्जीं पॉलिसी ले ली तो फिर आपके पास पछताने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।


अगर आप मोटर इंश्योरेंस लेने की सोच रहे हैं या फिर ले चुके हैं। तो सबसे पहले आपका काम है उस पॉलिसी को चेक करना कि ये इंश्योरेंस असली है या नकली?  लिहाजा इंश्योरेंस लेते समय हमेशा कुछ बातों का ध्यान रखें। जिससे आप फर्ज़ी इंश्योरेंस से बच सकते हैं। फर्जी इंश्योरेंस से बचने के लिए आपको कुछ बातें ध्यान रखनी चाहिए।


सावधानियां


पॉलिसी खरीदते समय हमेशा प्रमाणिक संसाधनों के माध्यम से ही खरीदने का प्रयास करें। जानकारों का मानना है कि अगर पॉलिसी लेते समय आपको कुछ ऑफर्स मिल रहे हैं, या कुछ छूट मिल रही है तो हो सकता है कि आपका प्रीमियम कुछ कम हो जाए। लेकिन ऐसे में आप फ्रॉड (ठगी) के शिकार हो सकते हैं। अगर आप ऑनलाइन पॉलिसी ले रहे हैं तो कंपनी की ऑफिसियली वेबसाइट से ही खरीदें।
 


पॉलिसी लेते समय हमेशा भुगतान चेक से या ऑनलाइन करें। यदि आपने ऑफलाइन पॉलिसी ली है, तो उसका भुगतान हमेशा चेक से ही करें। चेक कभी भी किसी व्यक्ति के नाम से न दें, बल्कि चेक को हमेशा इंश्योरेंस कंपनी के नाम से ही दें। जानकारों का सुझाव है कि कभी भी कैश पेमेंट न करें। इससे फेक पॉलिसी लेते समय थोड़ा बहुत बच सकते हैं। बेहतर यही है कि फेक पॉलिसी से बचने के लिए ऑनलाइन पॉलिसी खरीदें, जो सुविधाजनक हैं।



 इंश्योरेंस पॉलिसी को वेरीफाई करना न भूलें। अगर आप किसी दूसरी वेबसाइट से पॉलिसी ले रहे हैं, तो उस कंपनी के ऑफिसयल वेबसाइट से वेरीफिकेशन जरूर करें। इसके अलावा आप कंपनी के कस्टमरकेयर से पॉलिसी के बारे में जरूर बात करें।


पॉलिसी खरीदने से पहले पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी जुटा लें। आपको बेची जा रही पॉलिसी भारत में एक्सेप्टेड जनलर इंश्योरेंस (स्वीकृत सामान्य बीमा) कंपनियों में से एक होनी चाहिए। इसके अलावा इरडा (IRDAI) की वेबसाइट पर उस संस्था के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। जानकारों की राय है कि भारत में किसी लाइसेंस प्राप्त संस्थाओं से ही पॉलिसी खरीदनी चाहिए। यदि इसका प्रीमियम में ज्यादा अंतर न हो तो सीधा इंश्योरेंस कंपनियों से ही पॉलिसी लेना बेहतर होता है।


पॉलिसी खरीदते समय आपको पॉलिसी की वास्तविकता के बारे में जानकारी जुटाना जरूरी है। क्योंकि धोखेबाज और घोटालेबाज इंश्योरेंस कंपनी एक मिनट में इसकी कॉपी बना देते हैं। इसके लिए आप ऑनलाइन या फिर कस्टमर केयर में जाकर इसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। इसके अलावा आप नजदीकी रजिस्टर्ड ब्रांच ऑफिस में जाकर दिये गए पॉलिसी के डॉक्यूमेंट्स दिखाकर सच पता लगा सकते हैं।


यदि आप तकनीकी (Tech-savvyl) जानकारी रखते हैं, तो पॉलिसी की सच्चाई पता करने के लिए QR कोड़ का उपयोग कर सकते हैं। IRDAI ने कुछ साल पहले इंश्योरेंस कंपनियों के लिए व्हीकल इंश्योरेंस पॉलिसी (वाहन बीमा पॉलिसी) पर एक QR कोड प्रिंट करना अनिवार्य कर दिया था। जिससे बीमाधारक को अपनी बीमा पॉलिसी के प्रमाणिकता (Authenticity) को वेरीफाई करने में मदद मिलेगी। भारत में दिसंबर 2015 के बाद खरीदी गई मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में आमतौर पर एक QR कोड होता है। अपने स्मार्ट फोन पर एक QR कोड रीडिंग ऐप का उपयोग करके आप इस कोड को स्कैन कर सकते हैं। जो आपको स्टेटस के साथ आपकी पॉलिसी की डिटेल बता देगा।