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COVID-19: टर्म प्लान में महामारी भी कवर है, जानिए कैसे उठा सकते हैं फायदा

टर्म प्लान सिर्फ टैक्स सेविंग्स का जरिया नहीं बल्कि जरूरी निवेश है, जानिए क्यों
अपडेटेड Mar 31, 2020 पर 11:37  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत में अब भी टर्म इंश्योरेंस की अहमियत नहीं समझी जा रही है। टर्म इंश्योरेंस को सिर्फ निवेश और टैक्स छूट का जरिया माना जाता है। जबकि सच्चाई यह है कि यह जरूरी प्रोटेक्शन प्रोडक्ट है जिसे हर उस व्यक्ति को अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहिए, जिस पर उसके परिवार के लोग निर्भर हैं।


वैसे तो कोई भी अपनी मौत के बारे में नहीं सोचता लेकिन मौत कड़वी सच्चाई है। ऐसे में अगर आप पहले से प्लान कर लेंगे तो कम से कम आपके परिवार को फाइनेंशियल सपोर्ट मिलता रहेगा। टर्म इंश्योरेंस का बुनियादी फायदा बीमाधारक की
असामयिक मौत के बाद उन पर आश्रित लोगों को मिलने वाली आर्थिक सहायता है। इसके लिए शर्त सिर्फ ये है कि बीमाधारक की मौत पॉलिसी अवधि के भीतर होनी चाहिए। अगर आप अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं, तो टर्म इंश्योरेंस आपके लिए बेहद जरूरी हो जाता है!


टर्म इंश्योरेंस यह सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आपके न रहने पर भी आपका परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित है। टर्म प्लान के तहत सिर्फ सामान्य मृत्यु ही नहीं बल्कि COVID-19 जैसी महामारियों की वजह से हुई मौत को भी कवर किया जाता है।


यह पहली बार नहीं है जब पूरी दुनिया में कोरोनावायरस जैसी महामारी का सामना कर रही है। H1N1, स्वाइन फ़्लू, जीका और इबोला भी ऐसे अन्य उदाहरण रहे हैं। जहां H1N1 स्वाइन फ़्लू और ज़ीका की वजह से करीब18,500 और 100 लोगों की मौत हुई थी वहीं इबोला वायरस ने पश्चिम अफ्रीका में 11,300 लोगों की जान ली थी।


COVID-19 से अब तक दुनियाभर में 30,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसमें कोई संदेह नहीं है, कोरोनोवायरस जैसी महामारी यह जांचने का एक अच्छा अवसर है कि क्या आपने पर्याप्त सम एश्योर्ड के साथ कोई टर्म प्लान लिया है।


हालांकि बहुत से लोग यह मान सकते हैं कि टर्म इंश्योरेंस निवेश के बजाय एक खर्च है। उन्हें ये समझने की जरूरत है कि इस तरह के प्लान आपके ना रहने पर भी आपके परिवार को फाइनेंशियल सपोर्ट देते हैं।


इसके अलावा, "रिटर्न ऑन इंवेस्टमेंट" पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए कई बीमा
कंपनियां डेडिकेटेड टर्म प्लान के साथ आई हैं। ये पॉलिसी पीरियड के अंत के प्रीमियम की वापसी करते हैं। ये प्लान बीमाधारक के रहते हुए भी बीमा अवधि खत्म होने पर गारंटीड पे-आउट देते हैं। ऐसे प्लांस को रिटर्न ऑफ प्रीमियम (RoP) प्लान कहा जाता है।


आपकी असामयिक मौत होने पर टर्म प्लान न सिर्फ आपके परिवार को फाइनेंशियल सपोर्ट देता है बल्कि आपको क्रिटिकल इलनेस के दौरान भी पर्याप्त कवरेज देता है। बाजार में कई टर्म प्लान के विकल्प मौजूद हैं जो पॉलिसीधारकों को कैंसर, स्ट्रोक, हार्ट अटैक या मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियां होने पर कैश पे आउट की पेशकश करते हैं।


इस तरह की गंभीर बीमारियों के इलाज में आपकी पूरी जमापूंजी निकल सकती है। इसलिए क्रिटिकल इलनेस बेनेफिट्स वाले टर्म प्लान लेने की सलाह दी जाती है। इस तरह के फिक्स बेनेफिट्स प्लान एकमुश्त भुगतान की पेशकश करते हैं। व्यापक सुरक्षा के लिए क्रिटिकल इलनेस प्लान को राइडर के रूप में खरीदा जा सकता है।


टर्म प्लान का एक और बड़ा फायदा विकलांगता से सुरक्षा है। बहुत से लोग ये मानते हैं कि असामयिक मौत के बाद इनकम सोर्स के लिए टर्म इंश्योरेंस ढाल की तरह काम करता है। बहुत कम लोग यह जानते हैं कि टर्म प्लान गंभीर चोट की वजह से हुई विकलांगता के दौरान भी फाइनेंशियल सपोर्ट देता है।


टर्म प्लान के साथ डिसेबिलिटी राइडर लेने से एक तय समय के लिए मंथली इनकम या "स्थायी" विकलांगता होने पर एकमुश्त पे-आउट मुहैया करता है। पूर्ण विकलांगता होने पर बीमाधारक को फुल सम एश्योर्ड प्राप्त होता है, जबकि आंशिक विकलांगता  में आंशिक बीमा राशि ही मिलती है।


लोगों को जल्द से जल्द टर्म प्लान खरीदने की एक और महत्वपूर्ण वजह भी है। आने वाले कुछ दिनों में टर्म इंश्योरेंस प्रॉडक्ट्स के प्रीमियम में 15 - 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि इन पॉलिसियों के लिए रीइंश्योरेंस रेट में बदलाव किया गया है। यह बढ़ोतरी जरूरी है क्योंकि पिछले पांच-छह साल से प्रीमियम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए, टर्म प्लान खरीदने के बारे सोच रहे लोगों को जल्दी से जल्द कोई प्लान खरीदना चाहिए।


Santosh Agarwal- Chief Business Officer- Life Insurance, Policybazaar.com.


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