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बीमारी से बड़ा इलाज, किस कवर से मिलेगी सुरक्षा!

हम अकसर जब मंहगाई की बात करते हैं, जिसमें अधिकतर केवल खाने पीने की मंहगाई शामिल होती है।
अपडेटेड May 31, 2017 पर 16:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हम अकसर जब मंहगाई की बात करते हैं, जिसमें अधिकतर केवल खाने पीने की मंहगाई शामिल होती है, तो हम लाइफस्टाइल खर्च और खासतौर से मेडिकल खर्च या मंहगाई भूल जातें हैं। योर मनी पर हमारा फोकस होगा आपके इंश्योरेंस पर। लेकिन इंश्योरेंस पर भी हम बात करेगें क्रिटिकल इलनेस की। क्रिटिकल इलनेस यानि गंभीर बीमारियां। रिपोर्ट के मुताबिक हर 3 में से 1 शक्स को 30  के बाद या को दिल की बीमारी, हाय़ कैस्ट्रॉल या फिर डायबिटीज हो जाती है। भारत में जिन गंभीर बीमारियों से जाने जाती है, उन में सबसे ज्यादा हैं दिल की बीमारी, लंग की बीमारी और दिल का दोरा, और इन तीनो के इलाज का खर्च 8 से 12 लाख तक का है जो की कवर किया जा सकता है।


गंभीर बीमारियां, ना सिर्फ जानलेवा होती है बल्कि उन्हें ठीक करने का समय यानि रिकवरी पीरिड्स कई बार सालों सालों चलता है और ऐसे में अगर आप परिवार में एकलौते कमाने वाले हैं, तो रोजमर्रा की जिंदगी गुजारना मुश्किल हो जाता है। योर मनी क्रिटीकल इंश्योरेंस से जुडे तमाम सवालों का जवाब देने के लिए हमारे साथ रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा।


हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि क्रिटिकल इलनेस प्लान मेडिक्लेम से अलग होता है। मेडिक्लेम में इलाज के खर्च का भुगतान मिलता है और बीमारी का पता चलने पर बीमा राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाता है। यह इसलिए भी जरुरी है कि क्योंकि गंभीर बीमारियों के इलाज में भारी खर्च होता है। क्रिटिकल इलनेस प्लान के तहत
बीमारी का पता चलने पर एकमुश्त भुगतान मिलता है। आय सुरक्षा के लिए क्रिटिकल इलनेस प्लान जरूरी है।
 
हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक इलाज के खर्च को ध्यान पर रखकर कवर चुनें। साथ ही कवर चुनते समय घरेलू खर्च का भी ध्यान रखें।


सवालः टैक्स बचाने के लिए साल 2013 में एलआईसी जीवन आनंद पॉलिसी खरीदी थी, 2 प्रीमियम देने के बाद पैसा भरना बंद कर दिया है, पॉलिसी में निवेश किया गया पैसा कैसे मिल सकता है?


हर्षवर्धन रूंगटाः प्रीमियम ना देने से आपकी पॉलिसी बंद हो गई है।
आप पॉलिसी को दोबारा शुरू कर सकते हैं। पॉलिसी दोबारा शुरू करने के लिए बाकी प्रीमियम भरना होगा। प्रीमियम के साथ फीस और ब्याज भी देना होगा साथ ही बाकी प्रीमियम भरने से आपकी पॉलिसी पैड अप हो जाएगी। पॉलिसी की मैच्योरिटी पर आपको पैड अप वैल्यू मिल जाएगी।


सवालः घर के कर्ज के लिए कोई टर्म प्लान मिल सकता है क्या?


हर्षवर्धन रूंगटाः होम लोन की देनदारी के लिए ऑनलाइन टर्म प्लान खरीदें। टर्म प्लान को लोन देने वाली बैंक सौंप दें। अनहोनी होने पर इंश्योरेंस कंपनी बैंक को बीमा राशि दे देगी और बीमा राशि बैंक के बकाया से ज्यादा है तो नॉमिनी को बाकी पैसा मिल जाएगा।