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हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम किस्तों में कैसे करें जमा, जानिए पूरी डिटेल

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम एकमुश्त भरने के बजाय अब आपको जल्द ही किस्तों में जमा करने की सहूलियत मिल सकती है
अपडेटेड Apr 28, 2020 पर 14:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की तरह अब हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम भी आप जल्द ही भर सकेंगे। इसे मासिक (monthly) तिमाही (quarterly), सालाना ( bi-yearly) आधार पर भरने की सुविधा जल्द ही मिलने वाली है। इस मामले में इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने सभी इंश्योरेंस कंपनियों को अनुमति दे दी है। इरडा (IRDIA) ने अपने सर्कुलर में कहा है कि ग्राहकों को किस्तों में प्रीमियम का भुगतान करने के विकल्प मुहैया कराएं। इन किस्तोंर को मासिक, तिमाही या छमाही के साथ सालाना लिया जा सकता है। मौजूदा समय में कोरोना वायरस के चलते बहुत से लोग लिक्विडिटी की किल्लत से जूझ रहे होंगे। ग्राहकों के हित में IRDIA ने ये फैसला लिया है।


किस्तों में भर सकते हैं प्रीमियम


यह राहत उन पॉलिसी होल्डर्स के लिए है, जिनका रिन्यूअल (Renewal) 31 मार्च 2021 तक किया जाना है। इससे पहले सितंबर में IRDAI ने हेल्थअ इंश्योeरेंस देने वाली कंपनियों को अनुमति दी थी कि वे ग्राहकों को किस्तोंत में प्रीमियम का भुगतान करने का विकल्पश उपलब्ध  कराएं। इन किस्तों  को मासिक, तिमाही या छमाही के साथ सालाना लिया जा सकता है। हालांकि 21 अप्रैल को IRDAI ने फिर उसी एक सर्कुलर में मामूली बदलाव करके जारी कर दिया। इसमें कहा है कि कोरोना महामारी को देखते हुए पॉलिसी होल्डर्स के लिए एकमुश्ती के बजाय किस्तोंर में प्रीमियम का भुगतान ज्याेदा आसान हो सकता है।


पॉलिसी होल्डर्स कब किस्तों में करेंगे जमा 


जैसे ही कंपनियों के IT इन्फ्रास्ट्रक्चर में बदलाव हो जाएगा, तत्काल इस सुविधा का लाभ मिलने लगेगा।       


किसे मिलेगा फायदा


पूरे देश में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन घोषित किया गया है। अभी तो यह 40 दिन का लॉकडाउन है। आगे कब रहेगा, इसका कोई अंदाजा नहीं है। ऐसे माहौल में कई लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा होगा, उनके फाइनेंस में कुछ कमी आ सकती है, लिहाजा किस्तों में जमा करने की सुविधा देने से पॉलिसी होल्डर्स को बड़ी राहत मिल सकती है। 


बेसिक प्रीमियम में हो सकते हैं कुछ बदलाव


इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रीमियम में मामूली बदलाव आ सकता है। जब सालाना प्रीमियम को मासिक या तिमाही में करेंगे, तो उसमें थोड़ा बदलाव आ सकता है। यह बदलाव 5-10 फीसदी के बीच अंतर आ सकता है।


इसे आप इस उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए आपने कोई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली है, जिसका सालाना प्रीमियम 12,000 रुपये हैं। इसे मासिक प्रीमियम भरने पर आपको 1050 भुगतान करना पड़ सकता है, जो कि सालाना 12600 रुपये होता है।
एक बार प्रीमियम में बदलाव करने पर अगले रिनुअल तक इसका पालन करना होगा। यानी अगले रिनुअल तक इसमें आप बदलाव नहीं कर सकते हैं।


सालाना आधार पर प्रीमियम


आम तौर पर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम पॉलिसी होल्डर्स को सालाना आधार पर जमा जमा करना होता है। ज्यादातर इंश्योरेंस कंपनियां सालाना प्रीमियम के लिए कहती हैं, इसलिए सामान्य तौर पर पॉलिसी धारक साल में एक बार प्रीमियम का भुगतान करते हैं।


हालांकि, हेल्थ इंश्योरेंस गाइडलाइंस के मुताबिक, रेगुलेटर ने इंश्योरेंस कंपनियों को प्रीमियम भुगतान के दूसरे विकल्पों को जोड़ने की इजाजत दे दी है। जिसमें अलग फ्रिक्वेंसी और किस्तों में प्रीमियम लेना शामिल है। कुछ इंश्योरेंस कंपनियां साथ में दो साल के लिए प्रीमियम भरने का विकल्प मुहैया कराती हैं साथ ही इसमें वो डिस्काउंट भी देती हैं।


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