Moneycontrol » समाचार » बीमा

Car Insurance क्लेम रिजेक्ट होने से कैसे बचाएं?

आपकी इंश्योरेंस कंपनी कई वजहों से आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती है, इसलिए कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए।
अपडेटेड Jun 06, 2019 पर 13:09  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत में थर्ड पार्टी के इंश्योरेंस के बिना ड्राइविंग गैर-कानूनी है लेकिन लोग अकसर पैसे बचाने के चक्कर में कार इंश्योरेंस तो ले लेते हैं, लेकिन थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना बचा जाते हैं। पैसे बचाने का ये तरीका उल्टा तब पड़ जाता है, जब आपकी गाड़ी से किसी का एक्सीडेंट हो जाता है और आपके सामने कानूनी और आर्थिक समस्या खड़ी हो जाती है।


कार इंश्योरेंस दो तरह का होता है- कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस। जहां कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाने पर डैमेज के भरपाई के लिए होता है, वहीं थर्ड पार्टी इंश्योरेंस गाड़ी से किसी दूसरे का एक्सीडेंट या मौत हो जाने की स्थिति में काम आता है, इससे कानूनी केस से बचने में भी मदद मिलती है।


इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है अपने कार इंश्योरेंस क्लेम को रिजेक्ट होने से बचाना। ऐसे कई कारण हो सकते हैं, जिसकी वजह से इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती है, इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है-


FIR दर्ज कराएं


बड़ा रोड एक्सीडेंट होने के बाद आपको तुरंत एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस या थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए एफआईआर की कॉपी होनी जरूरी है। हालांकि, अगर एक्सीडेंट छोटा है, जैसे कि कार पर बस डेंट ही आया है तो इसके लिए एफआईआर कराना जरूरी नहीं है।


इंश्योरर को तुरंत जानकारी दें


एक्सीडेंट होने के सात दिनों के अदंर इंश्योरेंस कंपनी को जानकारी न देने पर कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर सकती है। वहीं, अधिकतक इंश्योरेंस कंपनियां एक्सीडेंट के 24 से 48 घंटों के अंदर क्लेम फाइल करने का ऑफर देती हैं, इसलिए जरूरी है कि आप अपनी इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत एक्सीडेंट की जानकारी दें। वहीं अगर आप अपनी गाड़ी की रिपेयरिंग के लिए गैराज ले जाने से पहले ही इंश्योरेंस कंपनी को इसकी जानकारी दे देते हैं तो आपको गाड़ी की टोइंग और फ्री पिकअप का लाभ भी मिल सकता है।


जरूरी डॉक्यूमेंट्स इंश्योरर तक जरूर पहुंचाएं


अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपनी इंश्योरेंस कंपनी तक पहुंचाएं. सभी डॉक्यूमेंट्स मिल जाने पर ही कंपनी क्लेम प्रोसेस शुरू करेगी। एक्सीडेंट के बाद कंपनी से पूछ लें कि उन्हें कौन सा पेपर चाहिए और कब तक। क्लेम करने के लिए आपको मोटर क्लेम फॉर्म, इंश्योरेंस पॉलिसी, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस देना होगा। इसके बिना आपका क्लेम प्रोसेस नहीं होगा।


एक्सीडेंट साइट पर फोटो ले लें


अगर आप बहुत बुरी तरह से जख्मी नहीं हैं तो अपने क्लेम को मजबूत करने के लिए, कोशिश करें कि एक्सीडेंट साइट पर फोटो ले लें। ये पिक्चर्स आपके लिए वैलिड प्रूफ का काम करेंगे। गवाहों और एक्सीडेंट में शामिल थर्ड पार्टी के कॉन्टैक्ट नंबर और नाम ले लेना भी काफी मददगार रहेगा।