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बाजार में आई नई इंश्योरेंस पॉलिसी, उतना ही प्रीमियम चुकाएं जितना चलाएं गाड़ी

Pay as you drive पॉलिसी के बारे में हम आपको दो कंपनियों की पॉलिसी के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
अपडेटेड Dec 14, 2020 पर 21:02  |  स्रोत : Moneycontrol.com

New auto insurance schemes:  कोरोना वायरस के इस दौर में लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर है। ज्यादातर कामकाज को ऑनलाइन करने की तरजीह दी जा रही है। बहुत से कर्मचारियों को घर से काम (Work Form Home) दिया गया है। यानी जब दफ्तर का कामकाज घर से चल सकता है तो फिर आपको अपनी गाड़ी लेकर ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में दिमाग में एक सवाल उठता है कि जब कार को घर के गैरेज में ही खड़ी रहना है तो आखिर हम क्यों अपनी कार का इंश्योरेंस प्रीमियम भरें। अगर आप ऐसे खयालों में डूबे हैं तो आपके लिए इंश्योरेंस कंपनियों ने एक नई पॉलिसी लॉन्च की है जिसका नाम है "Pay as you drive" यानी जब चलाएं कार तो भरें प्रीमियम। यह यूनिक इंश्योरेंस पॉलिसी ग्राहकों को उस समय प्रीमियम भरने के लिए कहा जाता है जब वो अपनी कार का उपयोग करें। यानी उसको सड़क पर चलाएं या जब वो यात्रा पर निकलते हों।


पारंपरिक ऑटो इंश्योरेंस पॉलिसी के उलट, पॉलिसी होल्डर्स यहां अपने प्रीमियम को कस्टमाइज कर सकता है। एक रेगुलर मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में, ग्राहक को कार मॉडल के आधार पर प्रीमियम का पेमेंट करना होगा। उन्हें अपनी गाड़ी चलाने (driving habits) के हिसाब से प्रीमियम का पेमेंट करने का ऑप्शन होगा। इसका मतलब ये हुआ कि जब आप कार चलाएं तभी प्रीमियम चुकाना होगा। 


Pay as you drive पॉलिसी के बारे में हम आपको दो कंपनियों की पॉलिसी के बारे में जानकारी दे रहे हैं। एडलवाइस स्विच (Edelweiss SWITCH) और टाटा एआईजी (Tata AIG)  की ऑटो सेफ़ ( Auto Safe) के बारे में।


Edelweiss SWITCH


हाल ही में Edelweiss General Insurance ने एक ऐप पर ऑटो इंश्योरेंस पॉलिसी Edelweiss SWITCH की घोषणा की है। इस यूनिक इंश्योरेंस स्कीम को वाहन मालिक जब चाहें पॉलिसी को चालू करें और जब चाहे बंद कर सकते हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा है कि इसमें इंश्योरेंस का कैलकुलेशन ड्राइवर की उम्र और उसके अनुभव के आधार पर किया जाता है। ग्राहक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अपनी पॉलिसी कवर को कभी भी ऑन ऑफ कर सकते हैं। यानी आप गाड़ी चलाने या नहीं चलाने के हिसाब से उसे ऑन ऑप कर सकते हैं।


हालांकि कंपनी ने कहा है कि गाड़ी में आग लगने या चोरी होने पर पूरे साल वाहन को इंश्योरेंस कवर मिलेगा। भले ही उस समय पॉलिसी आपने ऑफ कर दी गई हो। क्योंकि ऐसी घटनाएं तब भी हो सकती हैं जब आप वाहन नहीं चला रहे होते हैं। पॉलिसी केवल तभी एक्सीडेंटल डैमेज (accidental damage) को कवर करेगी जब आपका इंश्योरेंस ऑन होगा।


ऐसी बीमा प़ॉलिसी में ग्राहकों को कम प्रीमियम भरना होगा। क्योंकि जब वो वाहन का उपयोग करेंगे तभी प्रीमियम भरना होगा। कम प्रीमियम के अलावा ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसी में एक साथ कई वाहनों को कवर किया जा सकता है।
 
Tata AIG की Auto Safe


Tata AIG की Auto Safe पॉलिसी में पॉलिसी होल्डर्स की डिलवाइस के साथ कार केसाथ लिंक किया जाता है। इसके लिंक होते ही प़ॉलिसी एक्टिव हो जाती है। इस डिवाइस को पूरे पॉलिसी डिवाइस के दौरान रखना पड़ता है। यह डिवाइस पॉलिसी होल्डर्स के ड्राइवविंग विहैवियर उसके तय द्वारा तय की गई दूरी और गाड़ी का पूरा ब्यौरा दर्ज होता है। इस डिवाइस में एकत्र हुए आंकड़ों का समय पर मूल्याकंन किया जाता है। और इस मूल्यांकन के आधार पर पॉलिसी होल्डर्स को उसके प्रदर्शन के आधार पर नंबर दिए जाते हैं। इस डिवाइस में मोसम सेंसर लगा होता है। जिससे फ्यूल सेविंग रिपोर्ट और ड्राइविंग के तौर तरीके के रिकॉर्ड दर्ज किए जाते हैं।


परंपरागत पॉलिसी से तुलना करें तो Tata AIG की इस पॉलिसी में पॉलिसी होल्डर्स को लचीले किलो मीटर आधारित का भी फायाद मिलता है। ग्राहकों को 2500 किलोमीटर से लेकर 20,000 किलोमीटर तक के अलग-अलग पैकेज लेने की सुविधा मिलती है। अगर पॉलिसी होल्डर्स पॉलिसी की अवधि में अपने सभी किलोमीटर खर्च कर देता है तो वो टॉप-अप किलो मीटर ऑप्शन के जरिए अतिरिक्त किलोमीटर खरीद सकता है। 


 
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