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योर मनीः कैसे खोलें ई-इंश्योरेंस खाता

आपकी मदद करने के लिए हमारे साथ जुड़ रहे हैं एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के निखिल कोठारी।
अपडेटेड Sep 25, 2017 पर 12:21  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी में इस बार हम फोकस कर रहे हैं इंश्योरेंस पर। हम आपको रूबरू कराएंगे इंश्योरेंस की उन तमाम बारिकियों से जिन्हें समझकर आप गलत इंश्योरेंस लेने से बच सकते हैं। आपकी मदद करने के लिए हमारे साथ जुड़ रहे हैं एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के निखिल कोठारी


अब अगर आप लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं तो इंश्योरेंस कंपनी आपकी ई-खाता खोलकर देगी। लेकिन, यहां सवाल ये है कि क्या इंश्योरेंस कंपनी इसके लिए कोई चार्ज भी वसूलेगी। क्या वाकई में इंश्योरेंस के लिए ई-खाते की जरूरत है।


निखिल कोठारी ने बताया कि डीमैट फॉर्म में इंश्योरेंस पॉलिसी को रखना ई-इंश्योरेंस कहलाता है। ई-इंश्योरेंस के जरिए सभी पॉलिसियों को एक जगह रखना मुमकिन होता है। ई-इंश्योरेंस अकाउंट में रखी पॉलिसी ई-पॉलिसी कहलाती है।


निखिल कोठारी के मुताबिक किसी भी रिपॉजिटरी में ई-इंश्योरेंस अकाउंट खुलवा सकते हैं। ई-इंश्योरेंस अकाउंट खोलने के लिए पहचान पत्र, फोटो, आधार, पैन कार्ड और बाकी जानकारी के साथ अकाउंट फॉर्म भरना जरूरी है। जरूरी कागजात जमा करने के 3-5 दिन में अकाउंट शुरू हो जाएगा। ई-इंश्योरेंस अकाउंट खुलवाने में कोई पैसा नहीं लगता है। अकाउंट जारी रखने और जानकारी अपडेट करना का भी पैसा नहीं लगता है। एनएसडीएल डाटाबेस मैनेजमेंट लिमिटेड, सेंट्रल इंश्योरेंस रिपॉजिटरी लिमिटेड, सीएएमएस रिपॉजिटरी सर्विसेस लिमिटेड और कार्वी इंश्योरेंस रिपॉजिटरी लिमिटेड में खाता खुलवा सकते हैं।


निखिल कोठारी ने ये भी बताया कि ई-इंश्योरेंस के जरिए सारी पॉलिसी एक ही जगह रख सकते हैं। ई-इंश्योरेंस अकाउंट खुलवाते वक्त केवाईसी जरूरी है। एक बार केवाईसी के बाद नई पॉलिसी लेने के लिए नया केवाईसी कराना जरूरी नहीं होगा। एक जगह फेरबदल से सारी पॉलिसी में बदलाव हो जाएगा। पॉलिसी की जानकारी के साथ फॉर्म भरना पड़ेगा। किसी भी रिपॉजिटरी में जानकारी जमा कर सकते हैं। 7-10 दिन में मौजूदा पॉलिसी ई-पॉलिसी में बदल जाएगी। ई-पॉलिसी को फिजिकल पॉलिसी में भी बदल सकते हैं।