Moneycontrol » समाचार » बीमा

टर्म प्लान लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान

प्रकाशित Fri, 14, 2018 पर 13:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना सबके लिए जरूरी है, ये हम सब जानते हैं, लेकिन बावजूद इसके इसे बाकी खर्चों के मुकाबले कम तवज्जो क्यों देते हैं? बढती महंगाई को देखते हुए अगर आपके पास पर्याप्त इंश्योरेंस कवर आज की तारीख में ना हो तो, आपके जेब कितनी ढीली होगी, पता है आपको? योर मनी मनी इसीलिए आपकी सहायता के लिए मौजूद है, जिसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं एल जे बिजनेस स्कूल की सीईओ पूनम रुंगटा।


सवालः ईएलएसएस में पिछले 2.5 साल से 5000 रुपये प्रति महीने निवेश कर रहे है। ईएलएसएस से निकलने का विचार है और इससे निकलकर एचडीएफसी क्लिक टू इन्वेस्ट यूलिप प्लान में निवेश स्विच करना है। क्या निवेश यूलिप में स्विच करना सही? 50 लाख का टर्म प्लान है। म्यूचुअल फंड में भी निवेश है। पोर्टफोलियो पर सलाह चाहिए। संजीव ने एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड, फ्रैंकलिन इंडिया टैक्सशील्ड, आईसीआईसीआई प्रु. लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड, बिड़ला सनलाइफ टैक्स रिलीफ 96 और डीएसपी ब्लैकरॉक टैक्स सेवर फंड में निवेश किया है।


पूनम रुंगटाः एचडीएफसी लाइफ क्लिक-टू-प्रोटेक्ट 3D प्लस ऑनलाइन टर्म प्लान है। ईएलएसएस टैक्स बचत के लिए निवेश विकल्प है। ईएलएसएस में 3 साल का लॉक-इन पीरियड है। सेक्शन 80C के तहत टैक्स बचत होता है। इंश्योरेंस और निवेश को हमेशा अलग रखें। सेक्शन 80सी के तहत अधिकतम 1.5 लाख की टैक्स बचत की सुविधा मिलता है। पोर्टफोलियो में इतने सारे ईएलएसएस फंड ना रखें। एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी और एबीएसएल टैक्स रिलीफ 96 में बने रहें। सालाना आय के 20 गुना के बराबर का टर्म कवर लें।