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क्रिप्टोकरेंसी को एसेट मानने और रेगुलेट करने की मांग, सरकार को भेजा गया प्रपोजल

क्रिप्टोकरेंसी का विदेश में इस्तेमाल बढ़ रहा है। बिटकॉइन की वैल्यू 900 अरब डॉलर से अधिक की है
अपडेटेड May 07, 2021 पर 10:02  |  स्रोत : Moneycontrol.com

स्टार्टअप्स और इनवेस्टर्स से जुड़े संगठन, इंडियाटेक ने एक एसेट के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देने और इसे रेगुलेट करने का निवेदन किया है। इस बारे में इंडियाटेक ने सरकार को एक प्रपोजल भेजा है। प्रपोजल में कहा गया है कि देश की अर्थव्यवस्था में क्रिप्टोकरेंसी अच्छा योगदान दे सकती है।


इंडियाटेक ने क्रिप्टोकरेंसी को गोल्ड और शेयर्स के समान एसेट के तौर पर परिभाषित करने का सुझाव दिया है। प्रपोजल में कहा गया है कि केवल उन्हीं क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता दी जानी चाहिए जिन्हें ट्रेस किया जा सकता है। इन्हें इनकम टैक्स के उद्देश्यों के लिए कैपिटल गेन्स के तहत लाने और मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों के दायरे में लाने का भी सुझाव दिया गया है।


मनीकंट्रोल ने सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को भेजे गए सुझावों की एक प्रति देखी है। इनमें क्रिप्टोकरेंसी को निवेश के एक विकल्प के तौर पर शामिल करने को कहा गया है, जैसा अन्य देशों में किया जा रहा है।


इंडियाटेक के प्रपोजल में कहा गया है, "क्रिप्टो का भारत में अच्छा भविष्य है। इसमें फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (FDI) को आकर्षित किया जा सकता है और इसके साथ ही इससे रोजगार भी बढ़ने की संभावना है। इसके साथ वैसी ही जोखिम जुड़े हैं जो किसी अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट या एसेट के साथ होते हैं। इन जोखिमों को पॉलिसी और रेगुलेशंस बनाकर कम किया जा सकता है। भारत को क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने और इसे रेगुलेटर के दायरे में लाने की जरूरत है।"


भारत में अभी क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं है। इसके औपचारिक तौर पर ट्रांजैक्शंस में इस्तेमाल नहीं होता।


पिछले वर्ष दुनिया भर में क्रिप्टो एसेट्स की वैल्यू दो लाख करोड़ से अधिक थी। इनमें बिटकॉइन की हिस्सेदारी 900 अरब डॉलर की है। हाल के वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी, विशेषतौर पर बिटकॉइन को लेकर इनवेस्टर्स की दिलचस्पी काफी बढ़ी है।


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