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बैंकों ने बढ़ाई एफडी की दरें, निवेशक क्या करें

प्रकाशित Sat, 10, 2018 पर 15:21  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी आपके हर आर्थिक लक्ष्यों का पूरा ध्यान करता है, और उन्हे पूरा करने के लिए आपको ना सिर्फ रणनिती देता है बल्कि पैसों को लेकर तमाम बारीकियों से आपको रूबरू भी करवाता है। योर मनी पर रिटायरमेंट, पहली बार निवेश और होम लोन पर आपके सवालों के जवाब देंगे वाइज इन्वेस्ट सीईओ हेमंत रुस्तगी।


एसबीआई ने फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें बढ़ा दी है। एसबीआई ही नहीं बल्कि आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक ने भी अपनी दरें बढ़ाई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आपको अपने पैसे एफडी में लॉक इन करने हो तो क्या तत्काल एफडी करना चाहिए।


हेमंत रुस्तगी का कहना है कि एफडी रेट बढ़ने का मतलब एफडी रेट बढ़ने के बाद बैंक की लागत बढ़ेगी। बैंक इसकी भरपाई कर्ज महंगा कर करेंगे। एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक ने कर्ज महंगा किया है। कई सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने एमसीएलआर रेट बढ़ाई है।


एफडी या म्यूचुअल फंड में क्या बेहतर है इसपर बात करते हुए हेमंत रुस्तगी का कहना है कि टैक्स काटने के बाद एफडी से मिलने वाले रिटर्न बहुत कम होते है। एफडी के मुकाबले म्यूचुअल फंड किसी भी दिन बेहतर है। टर्म बॉन्ड फंड या डेट फंड में निवेश की सलाह होगी। हालांकि ड्यूरेशन और डायनामिक फंड से दूर रहें।


इधर, मोबाइल वॉलेट के इस्तेमाल के लिए केवायसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। एसा नही करने पर आपके मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल, आर्थिक लेन देन केलिए नही कर पाएंगें।