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भारत बॉन्ड ETF 12 दिसंबर को खुलेगा, जानिए निवेश करना ठीक है या नहीं?

यह बॉन्ड 12 दिसंबर को खुलेगा और 20 दिसंबर को बंद होगा
अपडेटेड Dec 10, 2019 पर 12:59  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सरकार ने 4 दिसंबर को भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) लाने का ऐलान किया था। यह फंड सरकारी कंपनियों में निवेश करेगी। इसकी मेच्योरिटी 3 साल और 10 साल में पूरी होगी।


यह बॉन्ड 12 दिसंबर को खुलेगा और 20 दिसंबर को बंद होगा। इस ETF का बेस साइज 7000 करोड़ रुपए है। मुमकिन है कि बाद में इसे बढ़ाकर 8000 करोड़ रुपए का किया जा सकता है।


आप चाहे तो इसमें सिर्फ 1000 रुपए का भी निवेश कर सकते हैं। न्यू फंड ऑफर (NFO) के बाद स्टॉक एक्सचेंज पर इसके यूनिट खरीदे बेचे भी जा सकते हैं। इसके यूनिट्स आपके डीमैट अकाउंट में रहेंगे।


ETF भी अप्रत्यक्ष तौर पर म्यूचुअल फंड की तरह है। इसमें फंड मैनेजर की तरफ से सेक्टर का चुनाव नहीं होता है। इंडिया में डेट ETF में कम से कम 8 इश्युअर की जरूरत होती है। साथ ही किसी भी एक इश्युअर के पास 15 फीसदी से ज्यादा वेट (Weight) नहीं होना चाहिए। यानी किसी एक कंपनी में डेट ETF का निवेश 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए।


किसमें होगा निवेश?


तीन साल में मेच्योरिटी वाला ETF 13 सरकारी कंपनियों में निवेश करेगा। इनमें नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन सहित कई दूसरी कंपनियां हैं। वहीं 10 साल में मेच्योर होने वाला ETF 12 सरकारी कंपनियों में निवेश करेगा। इनमें रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (REC), नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर और रूरल डेवलपमेंट (NABARD) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन जैसी कंपनियां हैं। इस ETF को इडलवाइज मैनेज कर रही है।


निवेश के फायदे?


भारत बॉन्ड ETF में निवेश की सबसे अच्छी बात है इसका टैक्स बेनेफिट। अगर आपने किसी डेट फंड में तीन साल से कम समय के लिए निवेश किया तो आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से आपको टैक्स चुकाना होगा। लेकिन इसमें तीन साल का लॉकइन है और इसका रिटर्न टैक्स फ्री है।


इसकी दूसरी खासियत है इसका स्ट्रक्चर। यह फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लान की तरह है। लेकिन ओपन एंडेड प्लान होने की वजह से इसमें लिक्विडिटी की दिक्कत नहीं होगी। फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लान होने की वजह से अगर रेपो रेट में कोई बदलाव होता है तो उसकी वजह से आपको कोई नुकसान नहीं होगा।


इसके ओपन-एंडेड स्ट्रक्चर यानी ओपन मार्केट में इसके बॉन्ड खरीद बेच सकते हैं। जिस तरह शेयर बाजार में शेयर खरीद-बेच कर सकते हैं, उसी तरह बॉन्ड की भी खरीदारी हो सकती है।


इसके तीन साल की मेच्योरिटी का यील्ड 6.5 फीसदी है जबकि 10 साल के लिए इसकी यील्ड 7.5 फीसदी है।


हालांकि अगर आप कम रिस्क के साथ निवेश करना चाहते हैं तो यह सही विकल्प साबित हो सकता है।



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