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शेयरों और MF पर मिलने वाले डिविडेंड पर TDS कैसे बचाएं, जानें इसका आसान तरीका

कंपनी या म्यूचुअल फंड की तरफ से शेयरहोल्डर्स या यूनिटहोल्डर्स को बांटे जाने वाले डिविडेंड पर 10% TDS लगेगा, PAN नहीं होने की स्थिति में 20% TDS कटेगा
अपडेटेड Apr 15, 2021 पर 08:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को खत्म कर दिया। इसकी जगह उन्होंने कंपनी या म्यूचुअल फंड की तरफ से शेयरहोल्डर्स या यूनिटहोल्डर्स को बांटे जाने वाले डिविडेंड पर 10% का टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (TDS) लगा दिया। PAN नहीं होने की स्थिति में TDS 20% कटेगा।

आम बजट में TDS लगाने का जो प्रस्ताव दिया गया है, वह म्यूचुअल फंड्स यूनिट्स से होने वाली कमाई पर नहीं, बल्कि फंडों की तरफ से बांटे जाने वाले डिविडेंड पर लागू होगा। डिविडेंड से 5,000 रुपये सालाना से ज्यादा की कमाई होने पर अब 10% TDS लगेगा।

साथ ही डिविडेंड को दोबारा निवेश करने पर भी TDS कटेगा। साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न में इसकी जानकारी देनी होगी। इसके लिए इनकम टैक्स ऐक्ट में सेक्शन 194K जोड़ा गया है।

60 साल से कम उम्र वाले फॉर्म 15G का फायदा ले सकते है। वहीं सीनियर सिटीजन, फॉर्म 15H के जरिए TDS बचा  सकते है। फॉर्म 15G और 15H के जरिए डिविडेंड पर TDS बचा सकते है।

TDS की डिटेल्स अब फॉर्म 26AS पर उपलब्ध

डिविडेंड इनकम और TDS की डिटेल्स अब फॉर्म 26AS के नए फॉर्मेट पर उपलब्ध होंगी, जिससे इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना आसान हो जाएगा। अगर टैक्सपेयर की कुल इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है और इसमें डिविडेंड इनकम शामिल है तो फिर डिविडेंड से होने वाला कमाई पर टैक्स नहीं लगेगा।

लेकिन ऐसे लोगों के लिए इनकम का रिटर्न फाइल करना जरूरी होगा। इससे आप डिविडेंड इनकम पर काटे गए TDS को रिफंड के तौर पर वापस क्लेम कर सकेंगे।

यह फॉर्म भरना होगा

अगर आपने शेयर या म्यूचुअल फंड्स से मिले डिविडेंड पर TDS कटाया है तो टैक्स डिडक्शन के लिए आपको फॉर्म 15G या फॉर्म 15H सीधे कंपनी में जमा करा सकते हैं। वहीं, म्यूचुअल फंड स्कीम्स पर डिविडेंड पेआउट ऑप्शन के मामले में आप इस फॉर्म को सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) या उनके रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) के पास जमा करा सकते हैं।

आपको बता दें कि फॉर्म 15G या फॉर्म 15H को कंपनियों, AMCs या RTAs की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन सब्मिट किया जा सकता हैं। इसके लिए आपको अपनी डिटेल्स भरनी होंगी। जैसे- पैन नंबर, फंड हाउस (AMC) का नाम, फोलियो नंबर आदि। इससे आप डिविडेंड इनकम पर TDS कटाने से बच जाएंगे।

कौन जमा कर सकते हैं फॉर्म 15G और फॉर्म 15H

इनकम टैक्स ऐक्ट के मुताबिक 15G या फॉर्म 15H वहीं लोग जमा कर सकते हैं जिनकी आय एग्जेंप्शन लिमिट से कम है। 60 वर्ष से कम की उम्र के लोगों के लिए 2.5 लाख रुपये तक की आय एग्जेंप्टेड है। वहीं, 60 वर्ष से अधिक और 80 वर्ष से कम की उम्र के लोगों के लिए 3 लाख रुपये और 80 साल से अधिक की उम्र के लोगों के लिए 5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स लाइबिलिटी नहीं बनती है।

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