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FD की दरें घटीं तो क्यों न अपनाएं अन्य निवेश विकल्प

खाता शिफ्ट करते समय फ्री ATM निकासी, मिनिमम बैलेंस राशि, बैंक की ब्रांच के बारे में जानना चाहिए। बचत खाते पर लॉक-इन, जैसे फीचर्स देखना चाहिए।
अपडेटेड Oct 11, 2019 पर 18:27  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

FD की दरें घटीं साथ ही बचत खाते पर भी अब कम कमाई होगी। फिक्सड इंट्रस्ट की कमाई के लिए क्या FD से मोहभंग कर लेना चाहिए। योर मनी में इस खास शो में आज Wiseinvest Advisors Pvt Ltd के सीईओ हेमंत रस्तोगी से बात करेंगे। इससे पहले देखते हैं किस बैंक में कितनी अवधि के लिए कितनी ब्याज दरे हैं।


FD रेट


बैंक       अवधि             रेट


SBI       1-2 साल         6.4%
HDFC    1-2 साल          6.6%
AXIS     1 साल            6.60%
PNB     1-2 साल           6.4%


बैंक         अवधि              रेट


SBI         5 साल           6.25%
HDFC     5-10 साल          7 %
AXIS      5-10 साल          6.75%
PNB       5-10 साल         6.5% 


सीनियर सिटीजन को FD में नुकसान


सीनियर सिटीजन को कम ब्याज मिल रहा है। SBI ने FD रेट घटाया। 1 से 2 साल के FD पर SBI में ब्याज दर 7 प्रतिशत से 6.9 प्रतिशत की। SBI में सीनियर सिटीजन का 14 लाख करोड़ रुपये FD में जमा हैं। FD पर निर्भरता कम करने की जरुरत है।


बचत खाते पर कम ब्याज


SBI ने बचत पर ब्याज घटाया। 1 लाख रुपये के जमा पर 3.25 प्रतिशत ब्याज मिलता है। इसमें 10,000 तक के ब्याज पर टैक्स रियायत भी मिलती है। इसमें सेक्शन 80 TTA के तहत टैक्स छूट मिलती है। बचत खाते से शिफ्ट करना चाहिए।


बता दें कि IDFC फर्स्ट बैंक में बचत खाते पर 6 प्रतिशत ब्याज देता है। RBL बैंक में बचत खाते पर 5 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है। खाता शिफ्ट पर डेबिट कार्ड पर रिवॉर्ड प्वाइंट मिलता है। खाता शिफ्ट करते समय फ्री ATM निकासी, मिनिमम बैलेंस राशि, बैंक की ब्रांच के बारे में जानना चाहिए। बचत खाते पर लॉक-इन, जैसे फीचर्स देखना चाहिए। 


Wiseinvest Advisors Pvt Ltd के सीईओ हेमंत रस्तोगी ने कहा कि अब समय आ गया है जब 3 प्रतिशत ब्याज वाले बचत खाते से पैसे निकालकर अच्छा रेट देनेवाले खातों में डालने की जरूरत है। लोग सालों साल अपना पैसा एसबीआई जैसे बैंकों में सुरक्षा के लिहाज रखे रहते हैं क्योंकि अक्सर उन्हें पता नहीं होता है कि इन पैसों का क्या करना चाहिए।


हेमंत ने ऐसे खाताधारकों को सलाह दी है कि जो पैसा लंबी अवधि के लिए रखना है वह ऐसी जगह रखें जहां उनका रिटर्न भी अधिक मिल सके। इसके लिए म्युचुअल फंड का विकल्प भी चुना जा सकता है। लिक्विड फंड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड, आर्बिटाइड फंड आदि में पैसा निवेश किया जा सकता है जो कि सुरक्षित निवेश माने जाते हैं।


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