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छोटी बचत पर घटी ब्याज दरें, कौन से हैं निवेश के विकल्प

छोटी बचत पर सरकार ने ब्याज दरें घटाई हैं तो अब आपको क्या करना चाहिए, जानते हैं अर्णव पांडया से।
अपडेटेड Mar 21, 2016 पर 11:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती पर लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। नौबत ये है कि खुद वित्त मंत्री अरूण जेटली को इसपर सफाई देनी पड़ी है। वित्त मंत्री ने कहा है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। अरुण जेटली ने कहा दरअसल एक पुराना फॉर्मूला है, जिसके तहत बाजार की स्थिति देखते हुए इन योजनाओं पर ब्याज दर घटते-बढ़ते रहते हैं।


अब जब छोटी बचत पर सरकार ने ब्याज दरें घटा दी हैं, ऐसे में अब आपको क्या करना चाहिए, क्या इस वक्त निवेश के लिए कोई और बेहतर विकल्प है। इस पर ज्यादा जानकारी लेंगे फाइनेंशियल प्लानर अर्णव पांडया से।


कहां लगाएं पैसा

शॉर्ट टर्म डिपॉजिट, आरडी और केवीपी इन में मौजूदा दर पर आप पैसे लॉक कर सकते हैं। पीपीएफ में निवेश जारी रखना फायदेमंद हो सकता है। 1-2 साल के टर्म डिपॉजिट पर ब्याज काफी घटेगा। निवेशकों को बैंकों के ब्याज से तुलना करके पैसा लगाने चाहिए और अवधि के आधार पर निवेश विकल्पों को चुनना चाहिए।



पीपीएफ के फायदे

पीपीएफ में निवेश के कई फायदे है। इसमें निवेश से टैक्स में छूट मिलती है, रेट ऑफ रिटर्न टैक्स फ्री होता है। पीपीएफ में लॉन्ग टर्म निवेश में कम्पाउंडिंग रिटर्न मिलता है। लॉन्ग टर्म में पीपीएफ में ज्यादा रिटर्न मिलता है। 


डेट म्युचुअल फंड - क्या हैं विकल्प


आप टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश कर सकते है या डेट म्युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। डेट म्युचुअल फंड का डिविडेंड टैक्स फ्री होता है। डेट म्युचुअल से 3 साल पहले पैसे निकाले जाएं तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। वहीं डेट म्युचुअल से 3 साल के पैसे निकले तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा।


एसयूबी - क्या हैं विकल्प


एसयूबी में आप एफडी, आरडी, एनएससी और किसान विकास पत्र में निवेश कर सकते हैं। 1 अप्रैल के पहले इन योजनाओं में निवेश करना चाहिए। इसमें 1 अप्रैल के पहले के निवेश पर पुरानी ब्याज दर से रिटर्न मिलेगा। साछ ही निवेश योजना की पूरी अवधि पर ऊंची ब्याज दर का फायदा मिलेगा। पीपीएफ जैसी लंबी अवधि की योजना में भी निवेश जारी रखा जा सकता है। पीपीएफ पर ब्याज दर अभी भी बेहतर है और आगे ब्याज दर में और बदलाव दिख सकते हैं। 


पोस्ट ऑफिस एफडी की जगह बैंक एफडी में भी निवेश किया जा सकता है। बैंक एफडी में ब्याज दर 7.9 फीसदी- 8.25 फीसदी है। पोस्ट ऑफिस आरडी की जगह बैंक आरडी में भी निवेश कर सकते हैं। डेट म्युचुअल फंड में 9-10 फीसदी तक का रिटर्न मुमकिन है।


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