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जानिये क्या होते हैं एक्टिव और पैसिव फंड, इनके तालमेल से सजाएं अपना पोर्टफोलियो

पोर्टफोलियो में रखने के लिहाज से इनके जोखिम समझकर इन्हें पोर्टफोलियो में रखना चाहिए।
अपडेटेड Nov 08, 2019 पर 16:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आपके निवेश की गाड़ी कभी नहीं थमनी चाहिए। लंबी अवधि में निवेश पर तब फायदा होगा जब आप निवेश में अनुशासन बनाए रखेंगे। करोड़ों रुपए जमा करने का लक्ष्य कौन से MF। पूरा करेंगे। इसके साथ ही एक्टिव और पैसिव फंड का फायदा समझें और सीएनबीसी-आवाज़ पर Morningstar के Director धवल कपाडिया आपको बताएंगे किफायत के साथ मुनाफा किस तरह के फंड में मिलता है।


सबसे बेस्ट लार्ज कैप की बात करें तो आपके सामने कुछ आंकड़े पेश करते हैं कि किस फंड ने कितनी अवधि में कितना रिटर्न दिया है।


बेस्ट लार्ज कैप                                        6 महीना    1 साल     3 साल      5 साल


Axis Bluechip Fund Dir Gr                   12.28       25.38      18.57      12.33
Mirae Asset Large Cap Dir Gr                5.41       15.64       14.76      12.94
UTI Mastershare Unit Dir Gr                  4.34       12.39       11.14      8.89
Benchmark 1: S&P BSE 100 India        4.00        13.14      13.05      8.95       TR INR   
Peer Avg                                                 5.75        14.75      11.58      9.69


सवालः मेरा सवाल एक्टिव या पैसिव निवेश के संबंध में हैं। क्या एक्टिव और पैसिव फंड NSE में आते हैं? निवेश के लिए दोनों में से बेहतर कौन सा फंड है? इसके अलावा मुझे इंडेक्स फंड के फायदे बताएं।


 धवल कपाडिया की सलाहः एक्टिव फंड को फंड मैनेजर्स मैनेज करते हैं और एक्टिव फंड में रिबैलेंसिंग की जरूरत होती है। पैसिव फंड इंडेक्स की तरह काम करते हैं। इस स्टॉक्स में बदलाव से रिबैलेंसिंग की जरूरत होती है। आपकी जानकारी के लिए ETF या इंडेक्स फंड पैसिव फंड के उदाहरण हैं।


निवेश के नजरिये से देखें तो बाजार में उतार-चढ़ाव के हिसाब से एक्टिव फंड में निवेश करना चाहिए। मैनेजर स्कीम से इक्विटी और फिक्स्ड इनकम में निवेश कर सकते हैं। वहीं, पैसिव फंड में फिक्स्ड इनकम विकल्प का मौका नहीं होता है।


रिटर्न के आधार पर फर्क पर नजर डालें तो पैसिव फंड पर रिटर्न इंडेक्स जैसे ही होते हैं। माना जाता है कि एक्टिव फंड बेंचमार्क से बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। निवेश के लिए क्या बेहतर है इस पर विचार किया जाए तो निवेश के लिए निवेशक में रिस्क क्षमता होनी चाहिए क्योंकि दोनों कैटेगरी के फंड में रिस्क रहता है। वैसे लंबी अवधि में निवेश के लिए पैसिव फंड चुनना चाहिए।


एक्टिव फंड और पैसिव फंड में चार्ज की बात करें तो एक्टिव फंड में निवेश पर 0.5 प्रतिशत - 1.0 प्रतिशत चार्ज लगता है वहीं पैसिव फंड में निवेश पर 0.2 प्रतिशत चार्ज लगता है।


पोर्टफोलियो में रखने के लिहाज से इनके जोखिम समझकर इन्हें पोर्टफोलियो में रखना चाहिए। दोनों तरह के फंड का निवेश इक्विटी में होता है। ज्यादा रिटर्न के लिए ज्यादा जोखिम लेने की आवश्यकता होती है।  


एक्टिव फंड और पैसिव फंड में जोखिम के अनुसार निवेश रणनीति बनानी चाहिए। ज्यादा जोखिम क्षमता वाले निवेशक के पोर्टफोलियो में 80 प्रतिशत एक्टिव फंड और 20 प्रतिशत पैसिव फंड होते हैं। वहीं मध्यम जोखिम क्षमता वाले निवेशक के पोर्टफोलियो में 50 प्रतिशत एक्टिव फंड और 50 प्रतिशत पैसिव फंड होते हैं जबकि कम जोखिम क्षमता वाले निवेशक के पोर्टफोलियो में 80 प्रतिशत पैसिव फंड और 20 प्रतिशत एक्टिव फंड होते हैं।


UTI nifty index, HDFC index nifty और HDFC index sensex कुछ पैसिव फंड है जिसमें निवेश किया जा सकता है।


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