जानें मनी मैनेजमेंट में कैसी बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी -
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जानें मनी मैनेजमेंट में कैसी बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

प्रकाशित Fri, 17, 2017 पर 13:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

महिला सशक्तिकरण यानी अपने आप को, अपनी मन चाही जिंदगी जीने के लिए सक्षम बनाना। योर मनी पर हम आपको आर्थिक तोर पर आजाद रहने की रणनिती बताते हैं। खासकर महलाओं में आर्थिक साक्षरता लाना योर मनी का सबसे बडा मकसद रहा है। इसी कडी में आज हम महलाओं पर फोकस करेंगें, चाहे गृहणी हो या काम काजी महिला, आर्थिक योजना, अपने जीवन के लिए कितनी अहम है, कैसे इसे आप अपना सकते हैं और इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद है वाइस इनवेस्टर्स एडवाइजर के हेमंत रूस्तगी।


हेमंत रूस्तगी का कहना है कि करियर में अहम फैसले लेने की आजादी होनी चाहिए। जिंदगी के हर पड़ाव की प्लानिंग करना जरूरी है। हर पड़ाव पर हो फाइनेंस की सुविधा ताकि आप अपने फाइनेंस को खुद मैनेज करें।  पैसा निवेश करने का निर्णय खुद लें। कामकाजी महिलाओं में फाइनेंस को लेकर स्वतंत्रता आई है। आंत्रप्रेन्योरशिप में महिलाएं आगे आईं हैं। गृहणियों में बजट मैनेजमेंट को लेकर निपुणता है।  घर के बजट से आगे बढ़ने की जरूरत है। परिवार के फाइनेंस में भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है और भागीदारी बढ़ाने के लिए खुद महिलाओं को प्रयास करना होगा। निवेश के लिए पहले बचत जरूरी है।


उन्होंने आगे बताया कि महिलाएं बेहतर मनी मैनेजर होती हैं, ये बात हम सब जानते तो हैं, लेकिन अब फिडेलिटी इंवेस्टमेंट के एक सर्वे में ये बात सामने आयी है।


फिडेलिटी इंवेस्टमेंट के एक सर्वे के मुताबिक महिलाएं बेहतर मनी मैनेजर होती हैं। महिलाएं बचत और निवेश में ना केवल पुरुषों से काफी आगे है बल्कि महिलाओं के निवेश में पुरुषों के मुकाबले ज्यादा रिटर्न भी मिलता है। पुरुषों के मुकाबले निवेश के मामले में महिलाएं संयम से काम लेतीं हैं।


सर्वे के मुताबिक महिलाएं बेहतर प्लानर और संचालक करती है। सबकी जरूरत का ध्यान रखने की आदत ही निवेश में भी झलकती है। इनता ही पुरुषों से बेहतर लक्ष्य को समझने की क्षमता भी महिलाओं में अधिक है। निवेश में सतर्कता के साथ पुरुषों की तुलना में जोखिम कम लेती हैं और सावधानी के साथ निवेश करती है। महिलाओं में मुनाफे का लालच कम है।


महिलाएं धीरज के साथ निवेश को समय देती है औऱ लंबी अवधि के लक्ष्य तय करती हैं। महिलाएं बाजार के उतार-चढ़ाव से कम विचलित है। महिलाएं निवेश के लिए सलाह लेने से नहीं डरतीं है। जरूरत पड़ने पर सलाह लेना भी महिलाएं सही समझतीं हैं।