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रिश्ते और मनी को साधकर, दोस्त की कंपनी में कैसे करें निवेश

अगर आप अपने दोस्त की कंपनी में निवेश करना चाहते हैं। या बिजनेस पार्टनर बनना चाहते हैं। तो जानिए कुछ खास टिप्स जिससे आपकी दोस्ती भी बनी रहे और बिजनेस भी होता रहे।
अपडेटेड Jul 09, 2019 पर 16:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बात जब रिश्तों की आती है तो फिर पैसों की अहमियत कुछ नहीं रह जाती है। लेकिन आजकल के इस अर्थ युग में हैसियत के हिसाब से रिश्ते भी बन रहे हैं। ऐसे में अगर आपको रिश्ते और पैसों के बीच बैलेंस साधना पड़ा जाए तो फिर काफी सचेत होकर काम करना पड़ता है। अगर आपका दोस्त आपसे कहे कि मेरे स्टार्टअरप में कुछ पैसा लगाओ या मेरे बिजनेस पार्टनर बन जाओं। ऐसे में सबसे बेहतर सलाह यही है कि आप उसका हिस्सा न बने, बल्कि आप रिश्तों के मामले में बिजनेस य़ा मनी को साथ में लेकर न चलें। रिश्तों और मनी को साथ में लेकर चलने से दोस्ती या रिश्ते में खटास आने की संभावना बढ़ जाती है। 




बिजनेस को दोस्ती में कभी न शामिल करें। ऐसे में प पैसे और दोस्चत दोनों खो सकते हैं। हालांकि, आपने बिजनेस पार्टनर बनने का फैसला कर लिया है। तो हम आपको बता रहे हैं। कुछ खास टिप्स जिससे आप अपनी मेहनत की कमाई सहेजकर रख सकते हैं।




1 - क्या वो विशेषज्ञ या अनुभवी है



यह कोई जरूरी नहीं है कि एक अच्छा दोस्त बेहतर समझदार बिजनेसमैन होगा। निवेश करने का निर्णय लेने से पहले अपने दोस्त के बारे में सब कुछ जान लें। पता करें कि पहली बार बिजनेस कर रहा है। या इसके पहले उसको बिजनेस किया है। उसके अनभव और उसके नॉलेज के बारे में जरूर पता करें। यदि इसके पहले वो अपने बिजनेस में कितना सफल रहा है। इसकी पर्याप्त जानकारी जुटा लें। सके बारे में जान लें कि सके  पर्याप्त नॉलेज, व्यावसायिक योग्यता और व्यवसाय कौशल है या नहीं। इसलिए आप उसके बिजनेस पार्टनर न बनें कि वो आपका एक अच्छा दोस्त है।


2– क्या आपका कोई बिजनेस प्लान है, जिसमें आपको उम्मीद है कि रिर्टन मिलेगा



दूसरी सबसे बड़ी खास बात ये हैं कि क्या आपके दोस्त के पास ऐसा कोई बिजनेस प्लान है, जिसमें मार्केट रिसर्च और सब कुछ हो जिसमें ये पता लगे कि बिजनेस को आगे कैसे बढ़ाया जाए। बिजनेस से कैसे पैसे आयेंगे। निवेशकों के लिए कितना रिटर्न मिलेगा। ये सभी जानकारी पहले ही सुनिश्चित कर लेनी चाहिए। अगर कोई बिजनेस प्लान नहीं है, तो आपके लिए बेहतर यही है कि आप वहां निवेश न करें।


3- आपकी क्या भूमिका रहेगी



अगर आपने डिसाइड कर लिया है कि आप दोस्त की कंपनी में निवेश कर रहे हैं। तो सबसे पहले आपको ये क्लीयर कर लेना चाहिए कि कंपनी में आप किस भूमिका में रहेंगे। आप केवल एक इनवेस्टर की तरह रहेंगे या कोई सक्रिय भूमिका निभाएंगे। आपके काम और अपने अधिकारों के बारे में जरूर क्लीयर कर लें। मान लीजिए आपका दोस्त प्रोडक्शन (उत्पादन) और एक्सक्यूशन (निष्पादन) में है तो फिर आप मार्केटिंग (विपणन) और सेल्स (बिक्री) में शामिल हो सकते हैं। अगर अपनी-अपनी भूमिकाएं नहीं तय की जाती हैं तो फिर गलतफहमी पैदा होने संभावना बढ़ जाती है।


4- सभी जोखिमों और खराब स्थिति पर विचार करें



एक बेहतर योजना और अच्छे आशावादी के रूप में बिजनेस के लिए तैयार रहना चाहिए। असफलता के साथ में संभावित खतरों के बारे में योजनाएं बनाकर चलना चाहिए। यदि घाटे की स्थिति आती है तो उस नुकसान को आपस में शेयर करें।


5 एक समझौता करें और सभी दस्तावेज संभालकर रखें



कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका रिश्ता कितना अच्छा है। यह सुनिश्चि करें कि निवेश और बिजनेस का हर पहलू लिखित में रहे। एक लीगल डॉक्यूमेंट्स बनाएं और अपने सभी डॉक्यूमेंट्स अपने पास रखें। आप अपनी दोस्ती को एक तरफ रखें और बिजनेस को एक तरफ।


6 – उतने ही पैसै निवेश करें, जिनके खोने का कोई डर न हो


कोई भी बिजनेस हो, कितना भी अच्छा हो, संभावना ये बनी रहती है कि कहीं घाटा न लग जाए। लिहाजा आप उतना ही निवेश करें, जितने में आपको घाटा होने पर कुछ खास फर्क न पड़े। हालांकि अगर आपके पास देने लायक पैसे न हो तो बेहतर है कि आप निवेश करने से तत्काल मना कर दें।