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नया पेंशन फार्मूला, जानें किस सैलरी पर मिलेगी कितनी पेंशन

प्रकाशित Wed, 03, 2019 पर 12:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सुप्रीम कोर्ट ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए ज्‍यादा पेंशन का रास्‍ता साफ कर दिया है। केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दर्ज की गई भविष्‍य निधि संगठन (ईपीएफओ) की विशेष अपील को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ऐसे में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को भी ज्‍यादा पेंशन मिलेगी।


केरल हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में भविष्‍य निधि संगठन को कहा था कि रिटायर होने वाले कर्मचारियों को उनकी अंतिम सैलरी के आधार पर पेंशन मिलनी चाहिए। अभी तक ईपीएफओ एक निधार्रित सीमा में ही कर्मचारियों को पेंशन देता है। कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ ईपीएफओ ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अभी तक ईपीएफओ अधिकतम 15,000 हजार रुपये तक की सैलरी को आधार बनाते हुए ही पेंशन देता था। जिसमें बदलाव किया गया है।


पहले बेसिक आय का 12 फीसदी हिस्सा पीएफ में निवेश किया जाता था। इंप्लॉयर की तरफ से पीएफ में 12 फीसदी हिस्सा निवेश होता था जिसमें से 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस में जाता है। बेसिक सैलेरी 15,000 प्रति माह से ज्यादा होने पर ईपीसएस हिस्सा 8.33 फीसदी पर सीमित था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूरी सैलेरी के हिसाब से पेंशन देना होगा।


खबर के अनुसार, पेंशन की गणना (कर्मचारी के द्वारा की गई नौकरी में बिताए गए कुल वर्ष प्लस 2)/70 गुणे अंतिम सैलरी के आधार पर होगी। इस तरह यदि किसी कर्मचारी की सैलरी 50 हजार रुपये महीना है, तो उसे हर नए नियम के बाद करीब 25 हजार रुपये पेंशन के रूप में मिलेंगे। हालांकि, पुराने नियम के तहत यह पेंशन मात्र 5000 के लगभग होती थी।