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NPS के जरिए करें रिटायरमेंट की तैयारी, जानिए क्या है इसमें खास?

PPF की तरह NPS में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। हालांकि इसमें कम से कम सालाना 6000 रुपए निवेश करना पड़ेगा
अपडेटेड Sep 11, 2019 पर 08:29  |  स्रोत : Moneycontrol.com

प्राइवेट नौकरी में रिटायरमेंट के बाद आमदनी का कोई तय जरिया नहीं होता है, लिहाजा इसकी तैयारी काफी पहले से करने की जरूरत है। इसी तरीके का एक हिस्सा है NPS यानी नेशनल पेंशन स्कीम। सरकार ने कुछ दिन पहले ही NPS में निवेश करने की उम्र सीमा 60 साल से बढ़ाकर 65 साल कर दिया है।


प्राइवेट नौकरियों में काम करने वाले लोगों को सरकारी कर्मचारियों की तरह रिटायरमेंट पर एकमुश्त रकम नहीं मिलती है। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार ने NPS लॉन्च किया था। NPS पर रिटर्न मार्केट लिंक्ड है। यानी NPS के तहत आप जो पैसा जमा करते हैं, उसका एक हिस्सा शेयर बाजार में लगाया जाता है। NPS का पैसा कहां निवेश किया जाएगा, यह फंड मैनेजर तय करते हैं।


कैसे काम करता है NPS एकाउंट


NPS में आप दो खाते खोल सकते हैं। ये टीयर 1 और टीयर 2 होते हैं। टीयर 1 में जमा की गई रकम आप रिटायरमेंट से पहले नहीं निकाल सकते हैं। जबकि टीयर 2 खाते की रकम आप जरूरत पड़ने पर निकाल सकते हैं।


लेकिन इसकी एक शर्त है। आप टीयर 2 एकाउंट तभी खोल सकते हैं जब आपका टीयर 1 एकाउंट एक्टिव हो। यानी पहले आपको टीयर 1 एकाउंट खोलना ही होगा।


न्यूनतम निवेश की सीमा


PPF की तरह NPS में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। हालांकि इसमें कम से कम सालाना 6000 रुपए निवेश करना पड़ेगा। NPS में जमा की गई रकम का एक हिस्सा शेयर में निवेश किया जाता है। शेयर में निवेश की एक सीमा है। किसी भी सूरत में 50 फीसदी से ज्यादा रकम शेयर बाजार में निवेश नहीं किया जा सकता है।


अभी तक प्राइवेट कंपनियों के NPS फंड का इक्विटी पोर्शन निफ्टी के शेयरों में किया जाता था। लेकिन अब इसके लिए बाकायदा फंड मैनेजर नियुक्त किए गए हैं निवेश का दायरा बढ़ सके।


कब होगी निकासी?


NPS एक पेंशन प्रॉडक्ट है, लिहाजा 65 साल से पहले आप पैसा नहीं निकाल सकते हैं। वैसे अब इसमें एक नया नियम है। इस नियम के तहत अगर आप कम से कम 10 साल तक NPS में पैसा जमा करते हैं तो कुछ खास मकसद के लिए 25 फीसदी रकम निकाल सकते हैं। बच्चों की पढ़ाई या शादी, और पहला घर बनवाने के लिए यह रकम निकाल सकते हैं। इसके अलावा अपनी, पत्नी, बच्चों या माता-पिता की बीमारी के इलाज के लिए भी यह रकम निकाली जा सकती है।


किसी भी बीमारी के नाम पर इससे पैसा नहीं निकाल सकते हैं। सिर्फ 13 गंभीर बीमारियों और दुर्घटना में घायल होने पर ही पैसा निकाला जा सकता है।


कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा?


अपने पूरे स्कीम के दौरान बीच में सिर्फ तीन बार ही पैसे निकाले जा सकते हैं। लेकिन इन तीन बार के बीच भी कम से कम 5 साल का अंतर होना जरूरी है। हालांकि अगर आप इलाज करवाने के लिए पैसा चाहते हैं तब यह समयसीमा की शर्त लागू नहीं होगी। हालांकि रकम निकालने की शर्त सिर्फ टीयर 1 खाते पर ही लागू होगी। टीयर 2 खाते से कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।


टैक्स में क्या होगा फायदा?


NPS में निवेश करते हैं तो तीन तरह से टैक्स बचा सकते हैं। सबसे पहले सालाना 1।50 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स क्लेम कर सकते हैं। अगर आपकी कंपनी ने NPS का ऑफर दिया है या आप खुद NPS में निवेश करते हैं तो 80सीसीडी(1) के तहत हर साल टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। यह क्लेम ओवरऑल 80सीसीई के तहत आता है।


दूसरा, 80CCD(2) के तहत इस पर आगे भी टैक्स क्लेम कर सकते हैं। इसके तहत आपकी कंपनी आपकी बेसिक सैलरी का 10 फीसदी NPS में डालती है तो आप इस पर भी टैक्स क्लेम कर सकते हैं।


मान लीजिए इस हिसाब से अगर आपकी बेसिक सैलरी सालाना 3 लाख रुपए (हर महीने 25,000 रुपए) है तो इसके 10 फीसदी यानी 30,000 रुपए पर अतिरिक्त टैक्स क्लेम कर सकते हैं।


तीसरा, इस साल से 80CCD (1b) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपए तक का टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। अगर आप NPS में 50,000 रुपए तक निवेश करते हैं तो यह छूट क्लेम कर सकते हैं। इसकी अच्छी बात यह है कि यह 1।50 लाख रुपए से ऊपर होगा।
  
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