Moneycontrol » समाचार » निवेश

बाजार की थीम का उठाएं फायदा, जीएसटी फंड में करें निवेश

01 जुलाई से जीएसटी लागू होने पर हम सब की जिंदगी बदल जाएगी।
अपडेटेड Jun 28, 2017 पर 19:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्या हम सिर्फ जरूरतें पूरी करने के लिए कमाते हैं। या फिर सारे सपने हकीकत में बदलने के लिए भी हम दिन रात मेहनत करते हैं। योर मनी में हमारा मकसद है आपको आपके सपनों को जिंदगी देना। जिसके लिए जरूरी है निवेश की सही चुनना।


लेकिन सबसे पहले 01 जुलाई से जीएसटी लागू होने पर हम सब की जिंदगी बदल जाएगी। किचन से लेकर, पूरे घर का बजट, यहां तक की आपके लाइफस्टाइल खर्चपर भी असर पडेगा। तो फिर क्यों ना आपके निवेश पोर्टफोलियो की भी थोडी प्लानिंग कर ली जाए। कई फंड हाउसेस ने जीएसटी से जुड़े क्लोज एंडेड फंड लॉन्च किए हैं। इनमें आप साढे तीन साल तक निवेश कर सकते हैं। जीएसटी फंड को समझाने के लिए हमारे साथ हैं एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल प्लानर निखिल कोठारी।


निखिल कोठारी का कहना है कि कई फंड हाउसेस ने जीएसटी से जुड़े क्लोज एंडेड फंड लॉन्च किए है जो बाजार की थीम में निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि जैसे की सभी जानते कि 1 जुलाई से एक देश, एक टैक्स लागू होने वाला है यानि जीएसटी। जीएसटी के लागू होने के बाद कई कंपनियों को इसका फायदा मिलेगा और कई कंपनियों को नुकसान भी उठाना होगा। ऐसे में निवेश को चाहिए कि वह बाजार की इस थीम पर निवेश कर फायदा उठाएं।


निखिल कोठारी के मुताबिक जीएसटी से जुड़े क्लोज एंडेड फंड में बिरला एसएल रिसर्जेंट इंडिया फंड सीरीज 4, एचडीएफसी इक्विटी ऑप- सीरीज 2 और आईसीआईसीआई प्रू वैल्यू फंड- सीरीज15 लॉन्च किया गया है। इन सारे फंड्स का फोकस केवल जीएसटी से जुड़े सेक्टर में निवेश के लिए नहीं है बल्कि इन फंड्स का जीएसटी केवल एक थीम है। अगर बिरला एसएल रिसर्जेंट इंडिया फंड सीरीज 4 की बात किए जाएं तो वह अपेक्स में निवेश करेंगी और आईसीआईसीआई प्रु का जीएसटी थीम में निवेश करेगा। 


जीएसटी से कई कंपनियों की रीरेटिंग की उम्मीद है जिसके चलते फायदे वाली कंपनियों में निवेश का काफी बढ़िया मौका है। बिरला एसएल रिसर्जेंट इंडिया फंड सीरीज 4 का एनएफओ 23 जून से 7 जुलाई तक खुला हुआ है। इसके फंड मैनेजर जयेश गांधी है। इस फंड में वहीं निवेशक निवेश करें जिनमें जोखिम लेने की क्षमता हो।  वहीं  आईसीआईसीआई प्रू वैल्यू फंड- सीरीज 15 का एनएफओ 27 जून से 1 जुलाई तक खुला है और इसके फंड मैनेजर एस नरेन है। ये फंड फोर्टफोलियो को हेज करेगा।


जिन कंपनियों को जीएसटी से फायदा होगा वह कंपनी ओपनएंड फंड में भी मौजूद मिलेगी। जिसके चलते जरुरी नहीं है कि निवेशक इन्हीं फंड्स में निवेश करें बल्कि वह ओपनएंड फंड में भी निवेश कर सकते है। लेकिन जिन निवेशकों को जीएसटी थीम को ध्यान में रखकर निवेश करना है तो उनके लिए यह फंड्स बेहतर है।


निखिल कोठारी ने आगे कहा कि ध्यान रहें इन फंड्स में साढे तीन साल के लॉकइन पीरियड होने के कारण आप समय से पहले निवेश से बाहर नहीं निकल सकते और जब आप समय पूरा होने के बाद पैसे निकालते है तो सारे निवेशक को टैक्स फ्री मिलेंगे। हालांकि यह फंड नए निवेशकों को लुभाने की कोशिश में लाएं गए है। निफ्टी पुट से पोर्टफोलियो की हेजिंग होगी। बाजार की गिरावट पर पोर्टफोलियो पर ज्यादा असर नहीं होगा।