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निवेश का नया विकल्प बना रियल एस्टेट, इस तरह के प्रॉपर्टी में मिलेगा फायदा!

एसेट एलोकेशन में बेहद जरूरी है कि आप रियल एस्टेट में भी निवेश करें।
अपडेटेड Aug 09, 2019 पर 13:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एसेट एलोकेशन में बेहद जरूरी है कि आप रियल एस्टेट में भी निवेश करें। लेकिन बड़े टिकट साइज के होने की वजह से कई लोगों के लिए रियल एस्टेट में निवेश करना मुमकिन नहीं हो पाता है। लेकिन REIT के जरिए आप कमर्शियल प्रॉपर्टी के जरिए निवेश कर सकते हैं। इस पर ज्यादा चर्चा के लिए मौजूद हैं 5nance.com के CEO और फाउंडर दिनेश रोहिरा।


रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट यानि (REITs) ये रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश का विकल्प देता है। 90% निवेश किराए पर दी प्रॉपर्टी में होता है। रेंटल इनकम के आधार पर  रिटर्न तय होगा। REIT का स्ट्रक्चर म्यूचुअल फंड जैसा होता है। इसमें म्यूचुअल फंड की तरह स्पॉन्सर, ट्रस्टी, फंड मैनेजर, यूनिट होल्डर होते है। म्यूचुअल फंड में अंडरलायिंग एसेट बॉन्ड, स्टॉक या सोना में निवेश होता है। REIT में फिजिकल रियल एस्टेट में निवेश होता है।


इसमें रेंटल इनकम के अलावा Capital Appreciation से भी कमाई होती है। REIT में निवेश से उतार-चढ़ाव कम होता है। भारत में REIT एक नए तरह का निवेश है। REIT में न्यूनतम निवेश राशि 50,000 रुपये होती है। REIT में मुनाफे के लिए लंबा नजरिया जरूरी है। इसमें कमर्शियल स्पेस में रिटर्न 8%-14% होता है।  REIT पर कमाए ब्याज पर टैक्स लगता है। निवेशक के हाथ में डिविडेंड टैक्स फ्री है।


सवालः Embassy Office REIT में निवेश करना है। एकमुश्त 1 लाख रुपये 10 साल के लिए निवेश करना है। REIT में निवेश करने का सही समय है?


सलाहः REIT रिटेल इंवेस्टर के लिए एक नया कॉन्सेप्ट है। रियल एस्टेट सेक्टर ज्यादा संगठित नहीं है। REIT में निवेश के लिए डीमैट, ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना होगा। अभी सिर्फ कॉर्पस का 50% ही निवेश करें। हर साल अपने निवेश की समीक्षा करें।


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