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Covid-19 क्राइसिस: घर की बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं तो जानिए क्या होगा?

कोविड-19 की वजह से पैदा होने वाली वित्तीय अनिश्चितता के चलते अगर आपको घर की बुकिंग कैंसिल करानी पड़ती है तो बिल्डर बुकिंग की रकम का 5 से 10 फीसदी तक पैसा काट सकता है
अपडेटेड May 23, 2020 पर 10:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

हीरल थानावाला


पिछले छह महीनों में कई खरीदारों ने आंशिक भुगतान करके अपार्टमेंट बुक किए होंगे। कोविड-19 महामारी के फैलने से कई कारोबारों पर बुरा असर पड़ रहा है। इस वजह से घर बुक करा चुके लोगों में से कुछ की या तो नौकरी चली गई होगी या कुछ को सैलरी में कटौती का सामना करना पड़ रहा होगा।


अगर आपको यह डर लग रहा है कि आने वाले दिनों में आपको भी ऐसी ही परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है तो नीचे कुछ अहम जानकारियां और सुझाव दिए जा रहे हैं जिनके जरिए आप बेहतर तरीके से योजना बना सकते हैं और इस तरह के तनावपूर्ण हालात से बाहर निकल सकते हैं।


डिवेलपर-बायर एग्रीमेंट का आकलन कीजिए


घर के लिए बुकिंग अमाउंट देते वक्त आपने डिवेलपर के साथ जो सेल एग्रीमेंट या कॉन्ट्रैक्ट किया था उसे अच्छी तरह से पढ़िए। इसमें कैंसिलेशन और रिफंड और मिलने वाली रकम को लेकर ब्योरे दिए गए होंगे।


बैंकबाजार में स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स के वाइस प्रेसिडेंट अभिनव कौल कहते हैं, "आमतौर पर डिवेलपर बुकिंग अमाउंट का 5-10 फीसदी हिस्सा काट लेते हैं और बकाया रकम वापस कर देते हैं। अगर कैंसिलेशन के नियम और शर्तें इस एग्रीमेंट में नहीं हैं तो आप डिवेलपर से 100 फीसदी रिफंड यानी पूरी रकम वापस करने के लिए कह सकते हैं।"


अगर कोई एग्रीमेंट नहीं हुआ है तो क्या होगा?


अगर कोई एग्रीमेंट नहीं बना है तो बायर बुकिंग कैंसिल कराने का हकदार है और वह पूरे रिफंड की मांग कर सकता है। चेक या इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर के जरिए किए गए भुगतान का पूरा हिसाब रखिए. इसके अलावा, बिल्डर से पैसे मिलने की रिसीट्स, एकनॉलेजमेंट लेटर, एप्लीकेशन फॉर्म की कॉपी जैसी सभी चीजें भी अपने पास रखिए ताकि उन्हें डिवेलपर से पैसे रिफंड करने की मांग करते वक्त दिखाया जा सके।


लेकिन, अगर डिवेलपर पैसे वापस करने से मना कर दे तब क्या होगा? रिटेललेंडिंग.कॉम की फाउंडर और डायरेक्टर सुकन्या कुमार कहती हैं, "ऐसी स्थिति में बायर को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के पास डिवेलपर के खिलाफ शिकायत करनी चाहिए और डिवेलपर से ब्याज सहित पैसे रिफंड करने की मांग करनी चाहिए। हालांकि, यह एक कानूनी प्रक्रिया होती है और इसमें कुछ वक्त लग सकता है।"


बैंक होम लोन को वक्त पर कैंसिल करा लीजिए


आपको बैंक को चिट्ठी लिखनी होगी और उनसे अपनी लोन की एप्लिकेशन को कैंसिल करने के लिए कहना होगा। अगर लोन पास हो गया है और आप इसे कैंसिल कराते हैं तो लोन के लिए चुकाई गई प्रोसिसेंग फीस (होम लोन रकम का 02.5 से लेकर 1 फीसदी तक शुल्क जो कि अधिकतम 25,000 रुपये तक हो सकता है) आपको शायद वापस न मिले।


मायमनीमंत्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर और फाउंडर राज खोसला कहते हैं, "लोन लेने वाला कोई शख्स पास हो चुके होम लोन की रकम देने (डिसबर्समेंट) को छह महीने तक के लिए टाल सकता है। यह क्लॉज अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग हो सकता है।"


हालांकि, जब निकट भविष्य में जब आपकी आर्थिक स्थिति सुधर जाए तब आप पास हुए लोन से इसी प्रॉपर्टी को खरीदने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।


लोन मिल गया है तो उसे फोरक्लोज कराना होगा


कौल कहते हैं, "हालांकि, लोन का पैसा डिसबर्स हो जाने के बाद भले ही यह आंशिक डिसबर्समेंट क्यों न हो, आप बैंक से होम लोन को कैंसिल नहीं करा सकते।" ऐसा इस वजह से है क्योंकि जब लोन का पैसा बैंक दे देता है तो लोन अकाउंट नंबर बन जाता है और लोन लेने वाले और डिवेलपर के बीच एग्रीमेंट लागू हो जाता है।


ऐसी स्थिति में अगर दी जा चुकी लोन की रकम पर आप ब्याज नहीं चुकाना चाहते हैं तो आपको लोन की रकम बैंक को चुकानी होगी यानी लोन को फोरक्लोज कराना होगा।


फ्लोटिंग रेट वाले लोन के फोरक्लोजर पर कोई प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लगता है। लेकिन, अगर आपने फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट वाला होम लोन लिया है तो लोन के फोरक्लोजर पर बैंक आपसे बकाया मूलधन की रकम का करीब चार फीसदी पैसा आपसे चार्ज कर सकते हैं।


 कुमार कहती हैं, "एक बार आप बैंक होम लोन को फोरक्लोज करा दें तो आपको बैंक से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने के लिए दरख्वास्त करनी होगी।" यह सुनिश्चित कर लीजिएगा कि इस पेपर पर बैंक के अधिकारियों के दस्तखत हों और बैंक की मुहर लगी हो।


 अगर आप अभी भी घर खरीदना चाहते हैं तो इसका प्लान बनाइए


वित्तीय चुनौतियों के बावजूद अगर आप घर खरीदना चाहते हैं तो इसके कुछ विकल्प हैं।


खोसला कहते हैं, "सबसे पहले डिवेलपर से डिस्काउंट की मांग कीजिए क्योंकि कोविड-19 का बुरा असर रियल एस्टेट की बिक्री पर पड़ा है और ऐसे में प्रॉपर्टी की कीमतें नीचे आ गई हैं।"


एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के रिसर्च हेड प्रशांत ठाकुर कहते हैं, "नौकरी जाने या आमदनी कम होने के चलते आपको तुरंत ही प्रॉपर्टी बुकिंग कैंसिल कराने का फैसला नहीं करना चाहिए।" ठाकुर कहते हैं कि ऐसी स्थिति में आपको तीन महीने के लोन मोरेटोरियम यानी लोन की EMI चुकाने से तीन महीने की छूट के लिए आवेदन करना चाहिए।


अपने बैंक से बात कीजिए


अपने मौजूदा वित्तीय हालात के बारे में बैंक अधिकारियों से बात कीजिए। ठाकुर कहते हैं, "बैंक आपसे दिए गए लोन पर केवल इंटरेस्ट चुकाने के लिए कह सकता है। इसका बुरा असर आपके क्रेडिट स्कोर पर नहीं पड़ेगा। वित्तीय स्थिति में सुधार आने पर आप अपनी EMI को चुकाना फिर से शुरू कर सकते हैं।"


आप ज्यादा टेन्योर और कम ईएमआई के साथ अपने होम लोन को रीफाइनेंस भी करा सकते हैं।


अगर आपने होम लोन इंश्योरेंस भी ले रखा है जिसमें जॉब लॉस को भी कवर किया गया है तो आप 3-6 महीने की ईएमआई के लिए इंश्योरेंस कंपनी के यहां क्लेम कर सकते हैं।


आपातकालीन फंड का कर सकते हैं इस्तेमाल


आखिरी विकल्प यह है कि आप अपने आपातकालीन फंड्स का इस्तेमाल कम से कम तीन महीने तक के लिए ईएमआई चुकाने में कर सकते हैं। लेकिन, ऐसा आप तभी कर सकते हैं जबकि आपने अपने फाइनेंशियल प्लान में इस तरह का आकस्मिक फंड तैयार किया हो।


खोसला कहते हैं, "अगर आपने इसी साल घर की बुकिंग की है और इसके लिए कुल रकम का केवल 5-10 फीसदी पैसा ही दिया है तो बेहतर यही रहेगा कि आप इस सौदे से बाहर निकल जाएं। अगर आपको लग रहा है कि आपकी नौकरी जा सकती है या आपको सैलरी कट का सामना करना पड़ सकता है तो आपको बुकिंग कैंसिल कराने में ही फायदा होगा, ऐसी स्थिति में बिल्डर से आपको जितना पैसा मिल जाए वह ठीक होगा।"


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