किस स्कीम में कितना फायदा, कहां करें सही निवेश -
Moneycontrol » समाचार » निवेश

किस स्कीम में कितना फायदा, कहां करें सही निवेश

प्रकाशित Wed, 30, 2018 पर 12:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz


निवेश की पाठशाला में योर मनी आपको बताएगा कि कैसे आप अपने पोर्टफोलियो को गोल्डन टच दे सकते है। एफडी, इक्विटी या डेट, कैसे करें पोर्टफोलियो को बैलेंस? कैसे इन सभी को आप इन्हें पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते है। इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद है फाइनेंशियल एक्सपर्ट बलवंत जैन।


बलवंत जैन का कहना है कि रिटायरमेंट के लिए पीपीएफ में निवेशकरना बेहद फायदेमंद है। डेट निवेश से रिटायरमेंट पोर्टफोलियो को बैलेंस करें। पीपीएफ पर 7.6 फीसदी ब्याज दर मिलता है। इसमें सालाना 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ में 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। पीपीएफ का निवेश टैक्स फ्री है। 7वें साल से 50 फीसदी निवेश निकासी संभव है। निवशकों को सलाह होगी कि वह पीपीएफ में 15 साल का लॉक-इन करें। याद रहें कि इसमें रूरत का पैसा ना डालें। इमरजेंसी होने पर ही पीपीएफ की रकम निकालें।


वहीं जिन निवेशकों को इक्विटी मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता नहीं है वह एफडी में निवेश कर सकते है। ये ना केवल देश में निवेश का सबसे लोकप्रिय जरिया है बल्कि छोटे शहरों में अभी भी एफडी में काफी निवेश है। एफडी में जोखिम बेहद कम है। हालांकि आगे दरें घटने से एफडी के रिटर्न में कमी के आसार है। एफडी के मुकाबले डेट फंड में बेहतर रिटर्न है।


बैंक एफडी या कॉरपोरेट डिपॉजिट कौन सा निवेश विक्लप बेहतर है। इसपर बात करते हुए बलवंत जैन ने कहा कि कॉरपोरेट डिपॉजिट (CD) से बैंक एफडी बेहतर है। कॉरपोरेट डिपॉजिट में जोखिम ज्यादा है। ज्यादा ब्याज मिले तो अच्छी रेटिंग वाले सीडी में निवेश करें। ब्याज दरें बढ़ने का फायदा एफडी उठाकर निवेश करें। ब्याज से हो रही कमाई पर टैक्स लगेगा।


रेकरिंग डिपॉजिट यानि आरडी में निवेश यानि पैसे की बचत करना। ये निवेश का सबसे सुरक्षित रास्ता है। पोस्ट ऑफिस बचत योजना में
रेकरिंग डिपॉजिट, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस मंथली स्कीम जैसे कई योजनाएं है। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट , निवेश के लिए सुरक्षित योजना है। इसमें निवेश पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। साथ ही निवेश के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है।


सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, सीनियर सिटिजन के लिए बचत का बेहतर विकल्प है। इसमें निवेश पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। इसमें 15 लाख तक निवेश कर सकते हैं। 50,000 रुपये सालाना ब्याज पर 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है।